BJP नेता के बोल- किसानों के खर्चे रोज नहीं होते, Kartik और आषाढ़ में ही जरुरत होती है

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का फायदा दो हेक्टेयर से कम जोत वाले किसानों को मिल रहा है। योजना के तहत सरकार किसानों को 6,000 रुपये सालाना की न्यूनतम आय देगी। यह राशि तीन किस्तों में किसानों के खाते में ट्रांसफर होगी। इस बीच उनसे सवाल किया गया कि कांग्रेस पार्टी कह रही है, यह राशि तो बहुत कम है। यह तो किसानों के साथ मजाक है। यदि परिवार में कई सदस्य हैं तो रोजाना दो-तीन रुपये ही हिस्से आते हैं। इसमें रोजाना के खर्चे कैसे पूरे होंगे?
इस बात पर मस्त बोले, कौन कह रहा है कि किसान के खर्चे रोज होते हैं। साल में केवल दो बार ही किसान के खर्चे होते हैं। कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए मस्त ने कहा, उसने किसानों को 60 साल में 6 पैसे नहीं दिए, हमने छह हजार तो रुपये दिए हैं। अब वह पार्टी जनता को यह कहते हुए गुमराह कर रही है कि भाजपा सरकार ने किसानों के साथ मजाक किया है। यह राशि तो बहुत कम है। कांग्रेस पार्टी ने किसानों के लिए कुछ नहीं किया। भाजपा कुछ कर रही है तो वे उसमें कमियां निकालकर अपनी खीझ मिटा रहे हैं।
गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को लेकर किसान मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा, काफी हद तक भुगतान हो गया है।केंद्र सरकार ने कुछ राशि और जारी कर दी है।किसी भी गन्ना किसान का एक भी पैसा बकाया नहीं रहेगा।
विरोधी पार्टियों की सरकारें नहीं दे रही किसानों का साथ
उन्होंने कहा कि अब किसानों के सुझाव लिए जा रहे हैं। वे बताएं कि उनकी दिक्कतें क्या हैं। खाद, बीज, पानी, बिजली, भंडारण, फसलों का दाम और मंडियों से संबंधित जो कुछ भी वे बताना चाहते हैं, खुलकर बोलें। उनके सुझावों के आधार पर ही किसान संकल्प पत्र तैयार किया जाएगा।