NGO पर सरकार की कार्रवाई से विदेशी चंदे में 40 % की कमी
सांकेतिक तस्वीर
गैरसरकारी संगठनों (एनजीओ) के खिलाफ मोदी सरकार की कार्रवाई से विदेशों से आने वाले चंदे में 40 फीसदी की कमी आई है। विदेशी कंसल्टेंसी बेन एंड कंपनी की रिपोर्ट के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 13000 से ज्यादा एनजीओ के लाइसेंस रद्द कर उनके खिलाफ कार्रवाई की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि केवल 2017 में ही 4800 एनजीओ के लाइसेंस रद्द किए गए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि विदेशी चंदा नियमन कानून-2010 (एफसीआरए) के उल्लंघन के कारण इन एनजीओ के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जिससे विदेशी स्रोतों से चंदे में 40 फीसदी की गिरावट आई है। अपना लाइसेंस गंवाने वाले कई एनजीओ मानवाधिकार आधारित पैरोकारी में शामिल थे।
इन पर कार्रवाई के खिलाफ नागरिक संस्थानों ने आवाज उठाते हुए इसे कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया। मौजूदा सरकार ने आरबीआई के सेंट्रल बोर्ड से नचिकेत मोर का कार्यकाल भी कम करवा दिया। मोर बिल और मिलिंदा गेट्स फाउंडेशन के निदेशक हैं।