2019 Lok Sabha चुनाव में 2.1 करोड़ महिलाएं नहीं दे पाएंगी वोट: Report

इसका मतलब ये है कि प्रत्येक लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से करीब 30 हजार महिलाओं का नाम नहीं है। वहीं उत्तर प्रदेश जैसा बड़ा राज्य जहां के लोग ये तय करते हैं कि कौन सी पार्टी चुनाव जीतेगी और कौन सी नहीं, यहां भी प्रति निर्वाचन क्षेत्र की करीब 85 हजार महिलाओं का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है। औसतन यह कुल मतदान का 8 फीसदी है।
विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसा सामाजिक और सांस्कृतिक रूढ़िवाद के चलते है। वहीं दक्षिण भारत, जहां साक्षरता और मानव विकास उत्तर भारत से काफी बेहतर है, यहां ये समस्या ज्यादा बड़ी नहीं है।
इससे पहले 2014 में जब देश में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार थी, तब ये अंतर 2.5 करोड़ से भी अधिक का था। रिपोर्ट में ये आंकड़े 'द वर्डिक्ट, पेंगुइन रेन्डम हाउस, इंडिया' का हवाला देते हुए बताए गए हैं।