Aircel-Maxis घोटाला मामला : अदालत ने P. Chidambaram और Karti की अंतरिम जमानत 25 तक बढ़ाई
Karti and P Chidambaram
पटियाला हाउस कोर्ट ने एयरसेल मैक्सिस घोटाला मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम को दी गई अंतरिम जमानत 25 मार्च तक बढ़ा दी है। चिदंबरम और कार्ति के खिलाफ सीबीआई और ईडी में मामले दर्ज हैं। विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी के समक्ष सीबीआई की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सोनिया माथुर ने इन दोनों की अग्रिम जमानत अर्जियों पर बहस करने के लिए वक्त मांगा। इस पर अदालत ने सुनवाई स्थगित कर दी। उधर, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के विशेष सरकारी वकील नीतेश राणा और एनके मट्टा की ओर से भी इसी तरह का अनुरोध किया गया। इसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। सुनवाई के दौरान चिदंबरम और कार्ति की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने जांच एजेंसियों द्वारा स्थगन मांगे जाने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि अर्जियां दायर किए जाने के बाद से काफी वक्त बीत चुका है। उल्लेखनीय है कि यह मामला एयरसेल-मैक्सिस सौदे में विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी प्रदान करने में हुई कथित अनियमितताओं से संबंधित है। इससे पहले, अदालत ने 17 फरवरी को सुनवाई 8 मार्च के लिए तय की थी।
सीबीआई ने एयरसेल-मैक्सिस मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति को आरोपी बनाते हुए पटियाला हाउस कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया था। इसमें कहा गया था कि पी. चिदंबरम ने वित्त मंत्री रहते हुए अपनी शक्तियों का गलत इस्तेमाल किया। उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी और पीसी एक्ट की धारा 7, 1213 (2) के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया था। इस मामले में कुल 18 लोगों के खिलाफ सीबीआई ने आरोपपत्र दाखिल किया था। ईडी ने कार्ति चिदंबरम के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।