बिहार में सीट बंटवारे को लेकर राजद और कांग्रेस में रार खत्म हुई और महागठबंधन बन तो गया, लेकिन कुछ सीटों पर पेच अब भी फंसा हुआ है। मधेपुरा, दरभंगा, सुपौल जैसी सीटें महागठबंधन के लिए सिरदर्द बनी हुई है। अगर राजद और कांग्रेस के बीच सुलह नहीं हुआ तो मुश्किलें खड़ी हो सकती है। आज पटना में महागठबंधन की संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस है, जहां उम्मीदवारों का एलान होने वाला है। इसमें राजद नेता तेजस्वी यादव भी शामिल होंगे। मालूम हो कि बुधवार को दिल्ली में कांग्रेस की चुनाव समिति की बैठक हुई थी। बिहार प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा भी दिल्ली पहुंचे थे। उम्मीद है कि समिति आज महागठबंधन में बने रहने और अपने उम्मीदवारों के नाम को लेकर बड़ा फैसला ले सकती है। चर्चा है कि कांग्रेस अब राजद के सामने घुटने टेकने को तैयार नहीं है।
चर्चा है कि भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए दरभंगा के मौजूदा सांसद कीर्ति झा आजाद बाल्मिकीनगर से चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं। वह दरभंगा से ही चुनाव लड़ने पर अड़े हुए हैं। दरभंगा सीट राजद के पास है, जहां से अब्दुल बारी सिद्दीकी उम्मीदवार हो सकते हैं।
मधेपुरा-सुपौल को लेकर जिच, पप्पू यादव की चेतावनी
मधेपुरा सीट राजद ने जदयू से अलग हुए लोजद प्रमुख शरद यादव को दे रखी है। यहां से मौजूदा सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है। पप्पू जन अधिकार पार्टी के संरक्षक हैं और महागठबंधन से उम्मीदवारी चाहते हैं। इधर, राजद चाहता है कि कांग्रेस उन्हें वहां से खड़ा न होने के लिए मनाए। कांग्रेस का कहना है कि चूंकि वह कांग्रेस पार्टी का हिस्सा नहीं है, इसलिए वह उन्हें नहीं समझा सकती।
इधर, राजद ने पप्पू यादव की पत्नी और सुपौल सांसद रंजीत रंजन के खिलाफ अपना उम्मीदवार खड़ा करने की चेतावनी दे रही है। वहीं, पप्पू यादव ने चुनौती दी है कि अगर रंजीत रंजन को तंग किया जाता है तो परिणाम बुरा होगा। इससे इतर सुपौल से कांग्रेस की सांसद रंजीत रंजन ने कहा कि हर परिस्थिति के लिए कांग्रेस तैयार है। अगर बिहार में कार्यकर्ता तैयार है तो उसे पार्टी तवज्जो देगी।
कांग्रेस आज साफ करेगी तस्वीर
मालूम हो कि कांग्रेस चुनाव समिति आज अपने छह सीटों के उम्मीदवारों पर फैसला लेगी, जिसमें वाल्मीकिनगर सीट के लिए कीर्ति झा आजाद का नाम तय किया गया है तो वहीं समस्तीपुर, सासाराम, पटना साहिब, मुंगेर, सुपौल सीटों के सीटों के उम्मीदवारों पर भी आज फैसला हो सकता है।
वहीं, सूत्रों के हवाले से मिली खबर के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी बिहार कांग्रेस के नेताओं से नाराज हैं। राहुल गांधी अपने नेता अखिलेश सिंह से खासा नाराज हैं , क्योंकि अखिलेश सिंह अपने बेटे को उम्मीदवार बनाना चाहते हैं। वो रालोसपा से उन्हें चुनाव में उम्मीदवार बनाना चाहते हैं। कांग्रेस चु्नाव समिति के बैठक में तो पांच सीटों पर फैसला सुलझा लिया गया है वहीं छठे सीट को लेकर अब भी तकरार जारी है।