Coal घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने अटैच की 36.85 Caror की संपत्ति

कंपनी ने रिश्वतखोरी के जरिए 900 रुपये प्रति शेयर के बेहद ऊंचे प्रीमियम पर अपना शेयर इश्यू जारी कराकर गलत तरीके से 69.02 करोड़ रुपये कमाए थे, जबकि उसकी नेट वर्थ उस समय बेहद कम थी। बाद में कंपनी ने 36.85 करोड़ रुपये के शेयर अपने निवेशकों को अलॉट ही नहीं किए और न ही उन्हें इस पैसे का रिफंड ही दिया। इसी मामले की जांच ईडी कर रही है। ईडी के मुताबिक, कंपनी की करीब 32.17 करोड़ रुपये की संपत्ति पहले भी अटैच की जा चुकी है और चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है।
सीबीआई जांच में अदालत ठहरा चुकी है दोषी
बता दें कि दिल्ली में कोयला घोटाले से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रही एक विशेष अदालत पहले ही आपराधिक मामले में सीबीआई जांच के बाद सामने आए तथ्यों के आधार पर केएसएसपीएल, आहलूवालिया और तीन सरकारी अधिकारियों को दोषी ठहरा चुकी है।