EVM विवाद: 21 विपक्षी दलों की याचिका पर चुनाव आयोग को Supreme Court का नोटिस

विपक्षी दलों की यह थी मांग
आंध्र देश के मुख्यमंत्री चंद्र बाबू नायडू, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल सहित 21 विपक्षी दलों के नेताओं द्वारा दायर इस याचिका पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की। याचिकाकर्ता नेताओं ने कहा था कि ईवीएम और वीवीपीएटी की विश्वसनीयता पर पहले ही सवाल है, लिहाजा स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए कम से कम 50 फीसदी ईवीएम और वीवीपीएटी का औचक निरीक्षण होना चाहिए।याचिका में कहा गया था कि लोकसभा चुनाव के परिणाम घोषित करने से पहले यह औचक निरीक्षण होना चाहिए। याचिकाकर्ता नेताओं ने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए निष्पक्ष चुनाव होना चाहिए और इसके लिए पुख्ता इंतजाम होना चाहिए।
याचिका दायर करने में ये नेता थे शामिल
याचिका दायर करने वालों में शरद पवार, केसी वेणुगोपाल, डेरेक ओब्रायन, शरद यादव, अखिलेश यादव, सतीश चंद्र मिश्रा, एमके स्टालिन, टीके रंगराजन, मनोज कुमार झा, फारुख अब्दुल्ला, एए रेड्डी, कुमार दानिश अली, अजीत सिंह, मोहम्मद बदरूद्दीन अजमल, जीतन राम मांझी, प्रो. अशोक कुमार मिश्र आदि शामिल हैं।मालूम हो कि गत जनवरी में तमिलनाडु निवासी एमजी देवाश्याम सहित दो अन्य लोगों द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर लोकसभा चुनाव से ईवीएम के जरिए होने वाले मतदान के कम से कम 30 फीसदी वोटों का मिलान वोटर वेरिफाइएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) से करने की गुहार की गई थी। इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव अयोग को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने केलिए कहा था।