भारत बुधवार को ए-सैट परीक्षण करने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया है। इस परीक्षण को मिशन शक्ति के तहत पूरा किया गया। इससे पहले केवल दुनिया के तीन ही देश ऐसे थे जो ए-सैट परीक्षण कर चुके हैं। ये देश अमेरिका, चीन और रूस हैं। भारत के इस परीक्षण से उसकी शक्ति अंतरिक्ष के मामले में काफी बढ़ गई है। यही वजह है कि भारत की इस बड़ी उपलब्धि से चीन और पाकिस्तान भी नाखुश हैं। केवल इतना ही नहीं अमेरिका ने भी भारत का नाम लिए बिना कहा कि अतंरिक्ष में कुछ गलत ना करें। यहां मलबा ना फैलाएं। ऐसे में दुनियाभर की मीडिया की नजर भी भारत पर ही रही। भारत के अंतरिक्ष महाशक्ति बनने पर विदेशी मीडिया ने क्या कहा-
डॉन, पाकिस्तान
पाकिस्तान के डॉन अखबार का कहना है कि भारत द्वारा किया गया ए-सैट परीक्षण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चुनावी दांव है। डॉन ने कहा है, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दावा है कि उनके देश ने अंतरिक्ष में सैटेलाइट मार गिराया गया है। ऐसा करने वाला भारत दुनिया का चौथा देश बन गया है। यह खबर तब आई है, जब भारत में कुछ हफ्तों बाद चुनाव होने वाले हैं।"
वॉशिंगटन पोस्ट, अमेरिका
अमेरिका के वाशिंगटन पोस्ट ने भारत के ए-सैट परीक्षण पर कहा है, स्पेस में नई एंट्री, "भारत अब दुनिया का सबसे अहम स्पेस क्लब का सदस्य बन गया है। इस स्पेस क्लब में पहले से अमेरिका, रूस और चीन हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के एंटी सैटेलाइट मिशन को शक्ति और शांति का प्रतीक बताया है।"
शिन्हुआ, चीन
चीन के शिन्हुआ मीडिया का कहना है कि नरेंद्र मोदी ने फिर चौंकाया दिया है। "भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर चौंका दिया है। उन्होंने दावा किया है कि भारत ने अंतरिक्ष में सैटेलाइट को मार गिराया है। अब भारत स्पेस रेस में शामिल हो गया है। मोदी ने इसे देश की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया है।"
क्या कहना है पड़ोसी देशों का-
पाकिस्तान- भारत की इस बड़ी उपलब्धी पर पड़ोसी देश पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है, "मैं भारत में चुनाव होने से पहले डरा हुआ हूं। आगे कुछ भी हो सकता है। पुलवामा के समय ऐसा लगा था कि मोदी सरकार युद्ध चाहती है।"
चीन- भारती की इस उपलब्धि पर चीन के विदेश मंत्रालय से बयान आया है, "हम ये उम्मीद करते हैं कि दुनिया के सभी देश अंतरिक्ष में शांति बनाए रखेंगे। हम हमेशा से ये कोशिश करते रहे हैं कि अंतरिक्ष का इस्तेमाल केवल शांति के लिए हो।"