Karanataka सरकार की याचिका खारिज करने समेत Supreme Court के 6 बड़े फैसले

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चुनावी बांड के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 26 मार्च को सुनवाई करेगा। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने मामले में दायर एक अन्य याचिका को पूर्व में दायर अन्य याचिकाओं के साथ जोड़ दिया है। नई याचिका में कहा गया कि हाल में ही इसमें किए गए संशोधन से और भी भ्रष्टाचार होने की आशंका है। इससे पहले माकपा महासचिव सीताराम येचुरी सहित कई अन्य की ओर से भी दायर की गई थी, जिन पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के लिए कहा था। इन याचिकाओं में कहा गया था कि सरकार द्वारा चुनावी बांड लाने का निर्णय लोकतंत्र को खोखला बनाने वाला है और इससे राजनीतिक भ्रष्टाचार बढ़ेगा। सरकार ने 2017 के आम बजट में चुनावी बांड लाने का निर्णय लिया था। सरकार का मानना था कि इससे राजनीतिक दलों को मिलने वाले फंड में पारदर्शिता आएगी।
दो पत्ती चुनाव चिह्न पर 15 मार्च को सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि वह दो पत्ती चुनाव चिह्न को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ एआईडीएमके नेता टीटीवी दिनाकरण की याचिका पर 15 मार्च को सुनवाई करेगा। हाईकोर्ट ने 28 फरवरी को दिनाकरण की याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग के आदेश को चुनौती दी थी। आयोग ने दो पत्ती चुनाव चिह्न पलानीस्वामी गुट दे दिया था।
भोपाल के मेडिकल कॉलेज में दाखिले पर रोक
सुप्रीम कोर्ट ने भोपाल के आरकेडीएफ मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल और रिसर्च सेंटर पर 2019-2020 के लिए एमबीबीएस कोर्स में दाखिला लेने पर रोक लगा दी है। सीबीआई की जांच में पता चला कि आरकेडीएफ प्रबंधन मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की न्यूनतम शर्तों को पूरा करने के लिए कथित तौर पर झूठे और फर्जी मरीजों को दाखिल करता था। इसके बाद कोर्ट ने यह कदम उठाया।
दो पत्ती चुनाव चिह्न पर 15 मार्च को सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि वह दो पत्ती चुनाव चिह्न को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ एआईडीएमके नेता टीटीवी दिनाकरण की याचिका पर 15 मार्च को सुनवाई करेगा। हाईकोर्ट ने 28 फरवरी को दिनाकरण की याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग के आदेश को चुनौती दी थी। आयोग ने दो पत्ती चुनाव चिह्न पलानीस्वामी गुट दे दिया था।
भोपाल के मेडिकल कॉलेज में दाखिले पर रोक
सुप्रीम कोर्ट ने भोपाल के आरकेडीएफ मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल और रिसर्च सेंटर पर 2019-2020 के लिए एमबीबीएस कोर्स में दाखिला लेने पर रोक लगा दी है। सीबीआई की जांच में पता चला कि आरकेडीएफ प्रबंधन मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की न्यूनतम शर्तों को पूरा करने के लिए कथित तौर पर झूठे और फर्जी मरीजों को दाखिल करता था। इसके बाद कोर्ट ने यह कदम उठाया।
शिखर अदालत ने गुजरात हाईकोर्ट के फैसले पर हैरानी जताई
सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाईकोर्ट के फैसले पर हैरानी जताई है। दरअसल हाईकोर्ट ने एक तरफ एनजीओ के फंड में गड़बड़ी के मामले में तीस्ता सीतलवाड़ और उनके पति को अग्रिम जमानत दे दी, वहीं जांच में सहयोग न करने पर पुलिस को उनकी गिरफ्तारी की आजादी भी दे दी।
चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, ‘यदि जांच अधिकारी को आरोपियों को हिरासत में लेने की आजादी और आरोपियों को अग्रिम जमानत दी गई है, तो क्या दोनों साथ-साथ हो सकता है? जैसे ही जांच अधिकारी आरोपियों को हिरासत में लेगा, उसी क्षण अग्रिम जमानत खत्म हो जाएगी।’ पीठ ने कहा कि यह सवाल अपने आप से पूछा जाना चाहिए कि क्या ऐसा आदेश पारित किया जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट में कर्नाटक सरकार की याचिका खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कर्नाटक सरकार की याचिका खारिज कर दी। राज्य सरकार ने बंगलूरू के एसटीपी से संशोधित पानी को कोलार स्थित सिंचाई टैंक में डालने पर लगी रोक हटाने की गुहार लगाई थी। सरकार का कहना था कि इससे जिले का भूमिगत जलस्तर सुधरेगा।
मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस बात पर नाखुशी जताई कि राज्य सरकार ने शीर्ष अदालत की 7 जनवरी की रोक हटाने के लिए अपनी अर्जी में विस्तृत ब्योरा नहीं दिया था। पीठ ने पूछा क्या आप कोर्ट से खेल रहे हैं। आपका आवेदन अरोचक है।
कैट चेयरमैन के खिलाफ जारी अवमानना नोटिस पर रोक
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उत्तराखंड हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें केंद्रीय प्रशासनिक पंचाट (कैट) के चेयरमैन को अवमानना नोटिस जारी किया गया था। हाईकोर्ट ने यह आदेश भारतीय वन सेवा अधिकारी संजीव चतुर्वेदी की याचिका पर दिया था। यह पहली बार था जब कैट के चेयरमैन को अवमानना नोटिस जारी किया गया था।
न्यायमूर्ति आर भानुमति और आर सुभाष रेड्डी की पीठ ने सोमवार को उत्तराखंड हाईकोर्ट द्वारा 20 फरवरी को कैट के चेयरमैन एल नरसिंह रेड्डी को अवमानना नोटिस जारी किया गया था। रेड्डी ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। पीठ ने रेड्डी की याचिका पर संजीव चतुर्वेदी को नोटिस जारी किया है।
चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, ‘यदि जांच अधिकारी को आरोपियों को हिरासत में लेने की आजादी और आरोपियों को अग्रिम जमानत दी गई है, तो क्या दोनों साथ-साथ हो सकता है? जैसे ही जांच अधिकारी आरोपियों को हिरासत में लेगा, उसी क्षण अग्रिम जमानत खत्म हो जाएगी।’ पीठ ने कहा कि यह सवाल अपने आप से पूछा जाना चाहिए कि क्या ऐसा आदेश पारित किया जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट में कर्नाटक सरकार की याचिका खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कर्नाटक सरकार की याचिका खारिज कर दी। राज्य सरकार ने बंगलूरू के एसटीपी से संशोधित पानी को कोलार स्थित सिंचाई टैंक में डालने पर लगी रोक हटाने की गुहार लगाई थी। सरकार का कहना था कि इससे जिले का भूमिगत जलस्तर सुधरेगा।
मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस बात पर नाखुशी जताई कि राज्य सरकार ने शीर्ष अदालत की 7 जनवरी की रोक हटाने के लिए अपनी अर्जी में विस्तृत ब्योरा नहीं दिया था। पीठ ने पूछा क्या आप कोर्ट से खेल रहे हैं। आपका आवेदन अरोचक है।
कैट चेयरमैन के खिलाफ जारी अवमानना नोटिस पर रोक
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उत्तराखंड हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें केंद्रीय प्रशासनिक पंचाट (कैट) के चेयरमैन को अवमानना नोटिस जारी किया गया था। हाईकोर्ट ने यह आदेश भारतीय वन सेवा अधिकारी संजीव चतुर्वेदी की याचिका पर दिया था। यह पहली बार था जब कैट के चेयरमैन को अवमानना नोटिस जारी किया गया था।
न्यायमूर्ति आर भानुमति और आर सुभाष रेड्डी की पीठ ने सोमवार को उत्तराखंड हाईकोर्ट द्वारा 20 फरवरी को कैट के चेयरमैन एल नरसिंह रेड्डी को अवमानना नोटिस जारी किया गया था। रेड्डी ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। पीठ ने रेड्डी की याचिका पर संजीव चतुर्वेदी को नोटिस जारी किया है।