Kartarpur कॉरिडोर मामले में Imran Khan ने दिखाया गिरगिटिया रंग
इमरान खान
करतारपुर कॉरिडोर प्रकरण में भारत, पाकिस्तान के बीच पहली बैठक खत्म हो गई, लेकिन इस बैठक में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने गिरगिट की तरह रंग बदल लिया। वादे बड़े किए लेकिन बड़ी बातें करने वाले इमरान खान की सरकार ने बाघा-अटारी सीमा पर हुई बैठक में बेहद तंग दिल दिखाया। कई प्रस्तावों पर पाकिस्तान ने काफी संकुचित स्वरूप अपनाए रखा और जिसके चलते अहम निर्णय लिए जाने को लेकर कोई प्रगति नहीं हो सकती। अब अगली बैठक 2 अप्रैल को होगी। क्या है भारत की इच्छा1. गुरुद्वारा करतार सिंह साहिब के पास एक बहुत बड़ा परिसर है। गुरुद्वारा को महाराजा रणजीत सिंह समेत अन्य ने काफी जमीने दी थी। भारतीय अधिकारियों ने पाया कि इन जमीनों पर काफी अतिक्रमण है। यहां तक कि पाकिस्तान सरकार ने भी गुरुद्वारा जमीन पर अतिक्रमण कर रखा है। भारतीय अधिकारियों ने इस जमीन पर अवैध रूप से हुए इस अतिक्रमण को खाली करने की मांग की है। इसकों लेकर पाकिस्तान की सरकार से भारत ने सख्त एतराज जताया है। 2. भारतीय पक्ष चाहता है कि करतारपुर कॉरिडोर से प्रतिदिन पांच हजार तीर्थ यात्रियों को गुरुद्वारा दरबार सिंह साहिब तक जाने की अनुमति मिले। विशेष अवसर पर यह संख्या 15 तक की हो।3. करतारपुर साहिब कॉरिडोर से गुरुद्वारा दरबार सिंह साहिब तक जाने वाले नागरिकों में भारत के श्रद्धालुओं के अलावा कनाडा, ब्रिटेन समेत अन्य देशों में रह रहे भारतीय मूल के श्रद्धालुओं को भी जाने की अनुमति मिले। 4. श्रद्धालुओं से किसी तरह की कोई वीजा फीस न ली जाए और यदि कोई तीर्थयात्री अकेले गुरुद्वारा दरबारसिंह साहिब जाना चाहे तो उसे जाने दिया जाए।
क्या कह रहा है पाकिस्तान
1. पाकिस्तान सरकार ने गुरुद्वारा की जमीन से अतिक्रमण हटाने को लेकर कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया है। भारत के एतराज को नोट कर लिया है, लेकिन इसके समाधान को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
2. पाकिस्तान ने प्रतिदिन तीर्थ यात्रियों के जाने के अनुरोध को नहीं माना है। पाकिस्तान ने इस प्रस्ताव पर विजिटिंग डे का प्रावधन रखने पर जोर दिया है। उसने विजिटिंग डे पर केवल 500 यात्रियों को ही दरबार सिंह साहिब जाने की अनुमति देने पर अभी रजामंदी दिखाई है। किसी विशेष अवसर पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार यह संख्या अधिकतम 700 ही हो सकती है।
3. भारत के भारतीय मूल के विदेश में रह रहे लोगों के प्रस्ताव को इमरान खान की सरकार ने खारिज कर दिया है। पाकिस्तान का कहना है कि केवल भारतीय तीर्थ यात्रियों को ही अनुमति दी जा सकती है। वीजा फीस के मामले में भी पाकिस्तान का पक्ष है कि तीर्थयात्रियों को विशेष वीजा लेने की जरूरत पड़ेगी और इसके लिए विशेष फीस का भुगतान करना पड़ेगा।
4. पाकिस्तान का कहना है कि कोई भी तीर्थयात्री अकेले नहीं जा सकता। उसे गुरुद्वारा दरबार सिंह साहिब तक जाने के लिए कम से कम 15 लोगों के समूह में जाना होगा।
समझा जा रहा है कि दोनों देशों के बीच में करतार सिंह साहिब कारिडोर को लेकर चल रहे प्रयास में कई अडंग़े हैं। दो अप्रैल की बैठक में भी इनका समाधान हो पाने की संभावना काफी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार भारत करतारपुर साहिब कॉरिडोर पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के वादे को काफी अहमियत दे रहा था। यह दोनों देशों के बीच में रिश्तों में मधुरता आने के संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा था, लेकिन अब आगे इसकी गलियां थोड़ी तंग नजर आ रही है।