'मिशन शक्ति' पर PM Modi का संबोधन, चुनाव आयोग ने किया जांच कमेटी का गठन

विपक्ष का आरोप है कि ए-सैट लॉन्च की सफलता पर प्रधानमंत्री का संबोधन लोकसभा चुनाव 2019 की आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है।
Election Commission: Matter related to address of the Prime Minister to the Nation on electronic media today afternoon has been brought to the notice of ECI.The Commission has directed a Committee of Officers to examine the matter immediately in the light of Model Code of Conduct
क्या कहा था पीएम ने?
प्रधानमंत्री ने कहा था देश ने अंतरिक्ष में महाशक्ति बनने के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है। वैज्ञानिकों ने मिशन शक्ति के तहत अतंरिक्ष में जिंदा सैटेलाइट को मार गिराने की बड़़ी उपलब्धि हासिल की है। इस प्रणाली में एंटी सैटेलाइट मिसाइल सिस्टम के तहत यदि कोई देश हमारी संचार सुविधाओं में सेंध लगाने के प्रयास करेगा तो भारत उसे अंतरिक्ष में ही समाप्त करने का दम रखेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत द्वारा सैटेलाइट विरोधी क्षमता के सफल प्रदर्शन की घोषणा दूरदर्शन पर की थी। इस पर विपक्ष ने सवाल उठाया था कि यह आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है। पीएम मोदी के राष्ट्र के नाम इस संदेश को लेकर कांग्रेस, बसपा, वाम दल समेत विपक्ष के तमाम नेताओं ने आरोप लगाए। माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर पीएम के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी थी।
येचुरी ने कहा निसंदेह यह बड़ी उपलब्धि है लेकिन अब तक इस तरह के मिशन को आम तौर पर डीआरडीओ जैसे संबंधित वैज्ञानिकों द्वारा राष्ट्र और दुनिया के लिए घोषित किया जाना चाहिए। इसके बजाय भारतीय प्रधानमंत्री ने इसकी घोषणा की है वह भी लोकसभा चुनाव 2019 के चुनाव अभियान के दौरान । वह भी तब जहां प्रधानमंत्री खुद उम्मीदवार हैं। यह साफतौर पर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। माकपा महासचिव ने मुख्य चुनाव आयुक्त से जानना चाहा कि क्या पीएम ने इसकी पूर्व सूचना दी थी। उन्होंने लिखा है, पूरा देश जानना चाहता है कि वैज्ञानिकों की उपलब्धि को राजनीतिक रंग देने की कोशिश क्यों की गई। यह चुनावों के लिहाज से आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है।
वहीं पूर्व चुनाव आयुक्त और आयोग के वरिष्ठ सदस्य ने कहा यह पूरा मामला आयोग के लिए बिल्कुल नया है। क्योंकि इससे पहले कभी ऐसी स्थिति आई ही नहीं। लेकिन इसे आयोग के सुरक्षा बलों की छवि और सैन्य बलों के दुरुपयोग को लेकर किए प्रावधानों की तरह ही इस मसले पर भी संज्ञान लेना चाहिए। क्योंकि यह एक तरह से उपलब्धि का श्रेय लेने जैसा हो सकता है।