क्या Rahul gandhi के Rafale पर बैठने के लिए तैयार है विपक्ष?

लोकसभा चुनाव की घोषणा होने में अब एक-दो दिन ही शेष बचे हैं। राजनीतिक दल चुनाव प्रचार के लिए अपना-अपना चुनावी एजेंडा तैयार करने में जुटे हैं। यह तय है कि कांग्रेस पार्टी राफेल सौदे में हुए कथित घोटाले को लेकर ही लोगों के बीच जाएगी। अब सवाल यह उठता है कि विपक्षी दल क्या राहुल के राफेल पर बैठने के लिए तैयार हैं। इसका जवाब है कि एयर स्ट्राइक के बाद जब भाजपा ने अपना चुनावी एजेंडा बदला तो अब विपक्षी दल भी कहीं न कहीं लोकसभा चुनाव में राफेल को लेकर उतरने का मन बना रहे हैं। सीपीआई, सीपीआई (एम), सपा, टीएमसी, राष्ट्रीय जनता दल, टीडीपी और दूसरे दल राफेल को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोलेंगे। कांग्रेस पार्टी के एक नेता का दावा है कि इस बाबत जल्द ही विपक्षी दलों के नेताओं की एक बैठक राहुल गांधी की अध्यक्षता में होने जा रही है।
भाजपा ने राम मंदिर को अपना बड़ा एजेंडा बनाया था।
बता दें कि भाजपा ने लोकसभा चुनाव के लिए पहले राम मंदिर को अपना बड़ा एजेंडा बनाया था। उस वक्त कांग्रेस पार्टी राफेल के मुद्दे को लेकर ही आगे बढ़ रही थी। कई विपक्षी दल ऐसे भी थे, जिनके नेताओं ने राहुल गांधी के साथ राजनीतिक मंच तो सांझा किया, लेकिन राफेल पर खुलकर कांग्रेस पार्टी के साथ नहीं आए। इनमें एनसीपी नेता शरद पवार, बसपा सुप्रीमों मायावती और सपा प्रमुख अखिलेश यादव सहित कई नेता शामिल रहे हैं।उस वक्त सपा और बसपा तो लोकसभा चुनाव में योगी सरकार को लेकर ही भाजपा को घेरने की पक्षधर थी। पुलवामा हमले के बाद राजनीतिक दलों के एजेंडे भी बदल गए। भाजपा, जिसने पहले राम मंदिर को अपना मुद्दा बनाया, वह पीछे चला गया। कांग्रेसी नेताओं की मानें तो एयर स्ट्राइक के बाद भाजपा ने साफतौर पर राष्ट्रवाद को अपना चुनावी एजेंडा बना लिया है।
विपक्षी दलों की ओर से एयर स्ट्राइक बाबत कोई सवाल पूछा जाता है तो उसे राष्ट्रवाद की शक्ल में जवाब दिया जा रहा है। भाजपा के छोटे-बड़े सभी नेता विपक्ष के ऐसे सवालों पर हमलावर हो जाते हैं। राफेल का मुद्दा, जिसे कांग्रेस पार्टी ही आगे ला रही थी, एयर स्ट्राइक के दौरान पीएम मोदी ने उसे इस तरह मोड़ दिया कि वह कांग्रेस के लिए ही मुसीबत बनने लगा था।कांग्रेस पार्टी ने मौके को भांपते हुए तुरंत राफेल घोटाले को लेकर एक अंतिम दांव चल दिया।
चुनाव की घोषणा होने से पहले क्या कहा राहुल गांधी ने...
राहुल बोले, मोदी ने कथित तौर पर 30 हजार करोड़ रुपए का घोटाला किया है, जिसके बारे में फाइलों में साफ लिखा है, उस पर कोई जांच नहीं होगी। इसके बाद कांग्रेस पार्टी ने यह साफ कर दिया कि लोकसभा चुनाव में राफेल ही मुख्य मुद्दा रहेगा।
वजह, राहुल गांधी का कहना था कि अब राफेल में कहने को कुछ नहीं बचा है, मतलब, चौंकीदार चोर है।कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, राफेल पहले भी हमारा मुख्य मुद्दा था और आगे भी पार्टी इसे लेकर जनता के बीच जाएगी।इस बारे में विपक्षी दलों से भी बात हो गई है। तकरीबन सभी विपक्षी दल लोकसभा चुनाव में लोगों के सामने राफेल घोटाले की सच्चाई रखेंगे।
विपक्षी दलों ने राफेल को लेकर क्या कहा...
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव ने राफेल मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा की अंतिम गारंटी चौकीदार नहीं थानेदार देता है और जनता 'थानेदार' है। चौकीदार की चोरी पकड़ी गई, अब थानेदार सजा देगा। मोदी राफेल तो उड़वा नहीं सके, इसलिए स्टंटमैन ने राफेल की फाइल ही उड़वा दी।
यादव का कहना था कि चुनाव प्रचार में लोगों को राफेल घोटाले की सही जानकारी दी जाएगी।सीपीआई (एम) नेता सीताराम येचुरी का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पीएम मोदी को क्लीन चिट नहीं मिली है। यदि वे निर्दोष हैं तो जेपीसी जांच से पीछे क्यों हट रहे हैं। आंध्रप्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू ने कहा, मोदी सरकार राफेल मामले में अब अखबार पर दबाव बना रही है। राफेल सौदा अगर एक घोटाला नहीं है तो मोदी सामने आकर सफाई दें।
अखिलेश यादव ने राफेल मामले पर कहा, भाजपा अब झूठ और बूट अभियान शुरु कर रही है।
यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने राफेल मामले पर कहा, भाजपा अब झूठ और बूट अभियान शुरु कर रही है। करोडों रुपये के इस घोटाले से भाजपा बच नहीं सकती। चुनाव में जनता उन्हें सबक सिखा देगी। एनसीपी नेता शरद पवार ने भी वीरवार को कहा है कि राफेल सौदे में कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए बड़ा खेल हुआ है।
जब रक्षा मंत्रालय के दस्तावेज गुम हो सकते हैं तो देश की सुरक्षा व्यवस्था का अंदाजा लगाया जा सकता है। शरद यादव का कहना है कि राफेल अभी तक देश का सबसे बड़ा घोटाला है।पीएम मोदी इससे बच नहीं सकते। जनता उन्हें उनकी गलती का अहसास चुनाव में करा देगी।