अयोध्या मामला: सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम पक्षकारों ने कहा- 'जन्मस्थान’ न्यायिक व्यक्ति नहीं हो सकता - Bharat news, bharat rajniti news, uttar pradesh news, India news in hindi, today varanasi newsIndia News (भारत समाचार): India News,world news, India Latest And Breaking News, United states of amerika, united kingdom

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मंगलवार, 17 सितंबर 2019

अयोध्या मामला: सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम पक्षकारों ने कहा- 'जन्मस्थान’ न्यायिक व्यक्ति नहीं हो सकता

अयोध्या मामला: सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम पक्षकारों ने कहा- 'जन्मस्थान’ न्यायिक व्यक्ति नहीं हो सकता

सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : bharat rajneeti
मुस्लिम पक्षकारों ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि ‘जन्मस्थान’ न्यायिक व्यक्ति नहीं हो सकता। अयोध्या विवाद की सुनवाई के 24वें दिन सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील राजीव धवन ने कहा, यह याचिका जानबूझ कर लगाई गई जिससे इस पर न तो लॉ ऑफ लिमिटेशन लागू हो और न जबरन कब्जे का सिद्धांत लागू हो। ऐसे में जमीन से हक नहीं छीना जा सकता। धवन ने चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच के समक्ष कहा, जन्मस्थान द्वारा दाखिल याचिका का मतलब है कि बाकी पक्षकार मामले से बाहर हो जाएं और रामलला विराजमान को अधिकार मिल जाए। अगर राम जन्मभूमि क्षेत्र को देवता बना दिया जाएगा तो पूरा इलाका अपने आप अधिकार संपन्न हो जाएगा। ऐसे में कोई मालिकाना हक का दावा नहीं कर सकता। सुनवाई मंगलवार को भी जारी रहेगी।

सीजेआई को 117 पत्र लिखने के दावे का जिक्र

इससे पहले सोमवार को सुनवाई शुरू होते ही धवन ने सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति द्वारा सीजेआई रंजन गोगोई को पत्र लिखे जाने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस व्यक्ति ने सीजेआई को 117 पत्र लिखने का दावा किया है, जिसमें उसने रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद की सुनवाई को लेकर शीर्ष कोर्ट के न्यायाधिकार पर सवाल उठाए हैं।

वह व्यक्ति इलेक्ट्रानिक मीडिया से जुड़े पत्रकार हैं। इस पर बेंच ने कहा कि उसे अब तक रजिस्ट्री ने ऐसे पत्र की जानकारी नहीं दी है। कोर्ट ने कहा कि आपके द्वारा दाखिल अवमानना याचिका पर हमने 88 वर्ष के व्यक्ति को नोटिस जारी किया। फिर आपने कहा कि कितनी अवमानना याचिका दाखिल करेंगे? आपने ऐसी याचिका दाखिल न करने को कहा था।

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