BJP बिल्डरों, ठेकेदारों के चंदे से नहीं कार्यकर्ताओं के योगदान से चलनी चाहिए : Amit Shaah

शाह ने कहा भाजपा कार्यकर्ताओं को गर्व के साथ कहना चाहिए कि हम अपने धन से इस पार्टी को चलाते हैं और कोई भी उद्योगपति, ठेकेदार, धनाढ्य या बिल्डर इसे नहीं चला सकता। उन्होंने हालांकि कहा कि पार्टी अध्यक्ष के तौर पर वह यह नहीं कह सकते कि भाजपा अपने कार्यकर्ताओं के योगदान से अपने सभी संगठनात्मक और चुनावी खर्चों को वहन कर सकती है। यह आज संभव नहीं है।
शाह ने कहा यदि साधन वैध नहीं है, तो हमारे लक्ष्यों को सही तरीके से हासिल नहीं किया जा सकता। यदि पार्टी को साफ रखना है, यदि पार्टी धनाढ्यों, बिल्डरों, ठेकेदारों और काला धन रखने वालों के धन से चलने लगेगी, तो इससे हमारी छवि धूमिल होगी और हम लक्ष्य हासिल नहीं कर पाएंगे।
उन्होंने कहा कि इस बात पर सार्वजनिक चर्चा होनी चाहिए कि चुनाव खर्चों को कैसे कम किया जा सकता है और चुनाव के लिए मिलने वाले चंदे की प्रक्रिया को साफ सुथरा कैसे बनाया जा सकता है। उन्होंने इस बात पर भरोसा जताया कि इस तरह की प्रक्रिया भाजपा के नेतृत्व में आरंभ होगी। शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने नकद चंदे को 2000 रुपए तक सीमित कर राजनीति में काले धन के प्रभाव को कम करने के लिए कदम उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कानून इतने कड़े किए गए हैं कि इन्हें तोड़ने वाला पकड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि घोटालों में शामिल लोगों के दिल्ली की सर्दी में भी पसीने छूट रहे हैं। शाह ने दावा किया कि भगोड़े कारोबारी विजय माल्या और नीरव मोदी देश से इसलिए भाग गए क्योंकि मोदी सरकार ने उनके जैसे आरोपियों को सलाखों के पीछे डालना शुरू कर दिया।