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मंगलवार, 26 मार्च 2019

1971 में Indira और अब 2019 में Rahul Gandhi ने खेला सबसे बड़ा चुनावी दांव

1971 में Indira और अब 2019 में Rahul Gandhi ने खेला सबसे बड़ा चुनावी दांव  


राहुल गांधी (फाइल फोटो)
राहुल गांधी (फाइल फोटो)
लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर कांग्रेस ने आज सबसे बड़ा दांव खेल दिया। राहुल गांधी ने आज एलान किया कि कांग्रेस सरकार आने पर 20 फीसदी गरीबों को हर साल 72 हजार रुपये दिए जाएंगे। राहुल ने कहा कि कांग्रेस ने पहले फेज में 14 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला था, इस बार 25 करोड़ गरीबों को फायदा पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हर साल 20 फीसदी सबसे गरीब परिवारों को सालाना 72 हजार रुपये बैंक अकाउंट में डाल दिया जाएगा। राहुल ने कहा कि दुनिया में अपनी तरह की यह पहली स्कीम होगी। 

सरकार पर पड़ेगा बोझ

बहरहाल, अगर कांग्रेस सरकार आने पर राहुल गांधी की इस योजना को अमलीजामा पहुंचाया जाता है तो सरकार पर 3 लाख 60 हजार करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। इसलिए इसे अमलीजामा पहनाना इतना आसान नहीं होगा। हालांकि, राहुल ने ये नहीं बताया कि किस तरह इस योजना को लागू किया जाएगा? सरकारी खजाने पर पड़ने वाले बोझ की किस तरह से भरपाई की जाएगी? 20 फीसदी सबसे ज्यादा गरीबों की पहचान कैसे होगी? प्रेस कांफ्रेंस में जब सवाल उठे तो उन्होंने इतना ही कहा कि आपके सभी सवालों का जवाब 2-3 दिन बाद दूंगा। 

भाजपा के लिए खतरे की घंटी

इसे वोटरों को लुभाने की कांग्रेस और राहुल गांधी की सियासी चाल कहें भी तो भाजपा के लिए खतरे की घंटी है। अगर ये चुनावी वादा काम कर गया तो भाजपा का सत्ता वापसी का सपना चकनाचूर हो सकता है। बता दें कि 1971 में इंदिरा गांधी ने गरीबी हटाओ का नारा दिया था जो इस कदर चला कि कांग्रेस की सरकार ही बन गई। उस वक्त तमाम दल कांग्रेस और इंदिरा गांधी के खिलाफ लामबंद हो गए थे, लेकिन इंदिरा के इस एक नारे ने सत्ता में कांग्रेस की वापसी करवा दी। कांग्रेस को तब 518 में से 352 सीटों पर जीत मिली थी> ऐसे में अचरज नहीं होगा कि देर सवेर कांग्रेस का नारा गरीबी हटाओ किस्म के नारे पर केंद्रित हो जाए। 

राहुल का बड़ा दांव

इससे पहले भाजपा किसानों को 6 हजार रुपये सालाना देने का एलान कर चुकी है। इसे चुनाव के लिए भाजपा का मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा था। लेकिन आज राहुल ने उससे भी बड़ा दांव चलते हुए गरीबी हटाने का वादा किया। यह वादा सहज तौर पर गरीब वोटरों को लुभा सकता है। महंगाई और बेरोजगारी की मार झेल रहे गरीब वर्ग को कांग्रेस का ये वादा अपनी को खींच सकता है। और अगर ऐसा हुआ तो भाजपा को नए सिरे से रणनीति बनानी पड़ेगी। भाजपा को कहीं 'मैं भी चौकीदार' कैंपेन छोड़ गरीबों को केंद्रित कोई नया अभियान छेड़ना पड़ सकता है।  

किसानों की कर्जमाफी

हाल ही में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने भाजपा को करारी शिकस्त दी थी। इन चुनावों में किसानों की कर्जमाफी बड़ा मुद्दा बनकर उभरा था। राहुल ने अपनी हर रैली में वादा किया था कि सरकार बनने के 10 दिन के भीतर ही किसानों की कर्जमाफी की जाएगी। तीनों राज्यों में एक निश्चित कर्ज राशि तक इसका एलान भी किया गया। इससे पहले पंजाब की अमरिंदर सरकार भी किसानों की कर्जमाफी कर चुकी है। अपनी हर चुनावी रैली में राहुल इसी तरह के वादे कर वोटरों को लुभाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। 

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