AAP-Congress गठबंधन में सीटों का पेच फंसा, Sheela और उनकी टीम ने साधी चुप्पी, कहा-निर्णय जल्द
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कांग्रेस-आप के बीच गठबंधन तय माना जा रहा है। इस मुद्दे पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित ने इंकार करने की बजाय पहली बार कहा कि अभी कुछ नहीं कह सकते, जो भी निर्णय होगा, जल्द ही आपको बता दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि अब गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर पेच फंस सकता है। सीटों का बंटवारा तय होने के बाद ही गठबंधन की घोषणा की जाएगी। कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन में शीला दीक्षित से आप से गठबंधन पर सवाल किय तो उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर वे कुछ नहीं कह सकतीं, जो भी निर्णय होगा पार्टी हाईकमान करेगा और सभी को जल्द ही बता दिया जाएगा। कार्यकारी अध्यक्ष हारुन यूसुफ व राजेश लिलोठिया का भी यही कहना था। इससे पहले सभी एक सुर में गठबंधन से इंकार करते रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, गठबंधन तय है, लेकिन मुद्दा सीटों को लेकर अटका है। कांग्रेस कम से कम तीन सीटें और वे भी अपनी मर्जी की मांग सकती है। आप के सामने इस शर्त को मानने का संकट आ सकता है। बताया जाता है कि सीटों की गिनती पर तो आप राजी है, लेकिन वह अपनी इच्छानुसार सीटें देना चाहती है।
दरअसल, दोनों के पार्टियों के नेताओं का मानना है कि गठबंधन के बिना भाजपा को हराना मुश्किल है। ऐसे में भाजपा सातों सीटें जीतती है तो विधानसभा चुनाव में भी उसका पलड़ा भारी रहेगा।
कांग्रेस व आप की लड़ाई दूसरे व तीसरे नंबर के लिए रह जाएगी। वहीं गठबंधन हुआ तो सभी सीटों पर उसका पलड़ा भारी रहने की संभावना ज्यादा है। दरअसल, पिछले लोकसभा चुनाव में मोदी लहर में भाजपा ने 47 प्रतिशत मत हासिल किए थे, जबकि कांग्रेस को 15 व आप को 33 प्रतिशत वोट मिले थे।
वहीं, नगर निगम चुनावों में 36 प्रतिशत वोट पाकर ही आप व कांग्रेस के बीच मत बंटने के कारण भाजपा ने तीनों एमसीडी पर कब्जा कर लिया था। इन चुनावों में कांग्रेस व आप के 48 प्रतिशत वोट थे।
दोनों ही पार्टियों को लग रहा है कि वर्तमान में 2014 वाली मोदी लहर नहीं है और इस बार भाजपा का वोट प्रतिशत पहले से कम होगा। ऐसे में गठबंधन करने से वे सातों सीटें जीत सकते हैं।सीटों के बंटवारे पर फैसला होेते ही गठबंधन की घोषणा हो जाएगी।