AAP उम्मीदवार का नामांकन रद्द, जिले की एकमात्र महिला प्रत्याशी थीं Sweta Sharma, सात अन्य को भी झटका
श्वेता शर्मा
आम आदमी पार्टी की गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट से प्रत्याशी प्रोफेसर श्वेता शर्मा का नामांकन रद्द हो गया है। प्रस्तावकों की संख्या कम होने से निर्वाचन कार्यालय ने ऐसा किया है। श्वेता शर्मा जिले से एकमात्र महिला प्रत्याशी थीं। इसके अलावा कागजात की कमी के कारण सात और प्रत्याशियों के नामांकन रद्द किए गए हैं। जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, श्वेता ने सोमवार को ही नामांकन किया था। मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच हुई। प्रत्याशी को नामांकन दाखिल करते समय पांच प्रस्तावकों का ब्योरा भरना होता है। पांचों प्रस्तावक उस समय मौजूद रहते हैं, लेकिन आप प्रत्याशी के नामांकन पत्र में चार ही प्रस्तावक थो जिससे आवेदन रद्द कर दिया गया। साथ ही, कागजात में कमी के कारण निर्दलीय प्रत्याशी सुनील गौतम, सुभाष चंद्र गोयल, जगदीश व आदेश त्यागी और राष्ट्रीय उलेमा काउंसिल के प्रत्याशी इकलाख, भारतीय भाईचारा पार्टी के प्रत्याशी सुरेंद्र व स्वतंत्र जनता राज पार्टी के प्रत्याशी ब्रिजेश कोरी के आवेदन भी रद्द किए गए हैं। अब जिले से 13 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। बुधवार और बृहस्पतिवार को नाम वापस लेने का दिन है। बृहस्पतिवार को ही प्रत्याशियों की फाइनल सूची जारी होगी। जिले की लोकसभा सीट के लिए 21 प्रत्याशियों ने 29 नामांकन दाखिल किए थे।
आम आदमी पार्टी और सात अन्य प्रत्याशी के नामांकन रद्द किए गए हैं। आवेदन पत्रों में कागजातों की कमी के कारण नामांकन रद्द हुए हैं।
- राजीव राय, सहायक निर्वाचन अधिकारी
‘विरोध पार्टी के दबाव में लिया निर्णय’
आम आदमी पार्टी के जिला प्रवक्ता एके सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय और राज्य स्तर की पार्टी को एक-एक प्रस्तावक ही देना होता है। हमारी पार्टी दिल्ली प्रदेश में है। उत्तर प्रदेश में न होने से रिटर्निंग ऑफिसर ने नामांकन भरते वक्त पार्टी को स्टेट पार्टी मानने से मना कर दिया। उस समय हमारे पास चार प्रस्तावक थे।
रिटर्निंग ऑफिसर से 15 मिनट का समय मांगा गया, लेकिन उन्होंने नहीं दिया और नोटिस जारी करते हुए मंगलवार सुबह 11 बजे सुनवाई का समय तय कर दिया। हम 12 प्रस्तावकों के साथ सुबह 10 बजे से ही कलेक्ट्रेट पहुंच गए। हमें दोपहर करीब एक बजे बुलाया गया।
हमने रिटर्निंग ऑफिसर से एक बार मौका देने को कहा, जो कानून में भी है। पीपुल्स रिप्रजेंटशन एक्ट 1951 की धारा 33(4) में मामूली गलती होने पर रिटर्निंग ऑफिसर एक मौका दे सकता है। ऑफिसर को इसकी जानकारी भी दी गई, लेकिन हमें यह मौका नहीं दिया गया। यह विरोधी पार्टियों के दबाव में यह निर्णय लिया है।
लोकसभा सीट से एक मात्र मैं ही महिला प्रत्याशी थी। मैं महिलाओं के सम्मान और शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही थी। इससे विपक्षी प्रत्याशी घबरा गए थे। नामांकन रद्द होने के बाद भी मैं इन दोनों मुद्दों पर संघर्ष करती रहूंगी।’
- प्रो. श्वेता शर्मा, आप की तरफ से नामित प्रत्याशी
हमें चेक लिस्ट अंग्रेजी भाषा में दी गई थी। इससे हमें पूरी प्रक्रिया समझ में नहीं आई। हिंदी में चेक लिस्ट जारी होनी चाहिए थी। पूर्व में इस तरह के निर्देश दिए जा चुके हैं। निर्वाचन कार्यालय की तरफ से जान-बूझकर अंग्रेजी में चेकलिस्ट दी गई थी।
- सुनील गौतम, निर्दलीय नॉमिनी