मिशन शक्ति: सरकार पर हमलावर Congress, Rahul की PM Modi को विश्व रंगमंच दिवस की शुभकामनाएं
राहुल गांधी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
खास बातें
- राहुल गांधी ने 'मिशन शक्ति' की सफलता के लिए डीआरडीओ की सराहना की
- राहुल ने कहा, मैं प्रधानमंत्री को विश्व रंगमंच दिवस की बधाई भी देना चाहता हूं
- अहमद पटेल ने कहा कि यूपीए सरकार ने ए सैट कार्यक्रम की शुरुआत की थी जो आज फलफूल रहा है
- सुरजेवाला ने कहा, इस कार्यक्रम की बुनियाद संप्रग सरकार के दौरान 2012 में पड़ी थी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मिशन शक्ति पर किए गए संबोधन पर विपक्ष हमलावर हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 'मिशन शक्ति' की सफलता के लिए डीआरडीओ की सराहना की और राष्ट्र के नाम संबोधन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि वह मोदी को 'विश्व रंगमंच दिवस' की बधाई देते हैं। गांधी ने ट्वीट कर कहा, 'बहुत खूब डीआरडीओ, आपके कार्य पर हमें गर्व है।' उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन को लेकर कटाक्ष करते हुए कहा, 'मैं प्रधानमंत्री को विश्व रंगमंच दिवस की बधाई भी देना चाहता हूं।' इससे पहले पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, 'मिशन शक्ति की सफलता के लिए डीआरडीओ को बधाई। इसकी बुनियाद संप्रग सरकार के दौरान 2012 में पड़ी थी।' उन्होंने कहा, 'पंडित जवाहरलाल नेहरू और विक्रम साराभाई के नजरिये की वजह से भारत अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी रहा है। यह भारत के लिए गौरव क्षण है।'राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा कि यूपीए सरकार ने ए सैट कार्यक्रम की शुरुआत की थी जो आज फलफूल रहा है। मैं हमारे अंतरिक्ष वैज्ञानिकों और डॉ मनमोहन सिंह के नेतृत्व को बधाई देता हूं। बता दें कि पीएम मोदी ने आज देश को संबोधित करते हुए बताया कि भारत आज अंतरिक्ष के क्षेत्र में विश्व की चौथी महाशक्ति बन गया है। भारत ने एंटी सैटेलाइट मिसाइल क्षमता हासिल कर ली है। इससे पहले सिर्फ रूस, अमेरिका और चीन के पास ये ताकत थी।
पीएम ने अपने संबोधन में कहा आज भारत ने 'मिशन शक्ति' के तहत एक मुश्किल ऑपरेशन को पूरा किया है। ये लक्ष्य अंतरिक्ष में 300 किलोमीटर था। हमारे वैज्ञानिकों ने लो अर्थ ऑरबिट में एक लाइव सैटेलाइट को मार गिराया है। महज तीन मिनट के भीतर सफलतापूर्वक इस ऑपरेशन को पूरा कर लिया गया। सबसे बड़ी बात ये कि ए-सैट मिसाइल भारत में ही निर्मित है। हमें हमारे वैज्ञानिकों पर गर्व है।