Nirav Modi ने इस तरह Wife और Father के खातों में Transfer किए थे 934 Caror रुपये

पिछले हफ्ते ईडी ने मुंबई की पीएमएलए (प्रिंवेशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) कोर्ट में एक पूरक चार्जशीट दायर की थी। जिसमें यह जानकारी दी गई है। ईडी का दावा है कि धोखाधड़ी वाली राशि में से 91 प्रतिशत का पता लगा लिया है। जांच एजेंसी ने दुबई, सऊदी अरब और सिंगापुर स्थित कंपनियों के बैंक स्टेटमेंट को जमा करवाया है। जिससे यह साबित किया जा सके कि नीरव मोदी और उसके पारिवारिक सदस्यों ने फर्जीवाड़े की रकम को अपने-अपने खातों में डायवर्ट किया है।
स्टेटमेंट से साबित होता है कि नीरव मोदी और उसके पारिवारिक सदस्यों ने फर्जीवाड़े की रकम को अपने-अपने अकाउंट्स में डायवर्ट किया। ईडी ने नीरव की पत्नी एमी मोदी को भी अब आरोपी बना दिया है। ईडी ने मामले में एमी को आरोपी बनाया है। पिछले साल दायर की गई चार्जशीट में आरोपी के तौर पर एमी का नाम नहीं था।
नीरव भारत की अपनी कंपनी के लिए आयात के फर्जी दस्तावेज दिखाकर पीएनबी से अपने मुख्य रूप से दुबई और हांगकांग स्थित अपने निर्यातकों को लेटर ऑफ अंडरटेकिंग के जरिए भुगतान करने को कहता था। जिन निर्यातकों को वह पैसे भिजवाते था वह उसकी खुद की फर्जी कंपनियां होती थीं।
हर बार जब भी नीरव बैंक से लेटर ऑफ अंडरटेकिंग की राशि को बढ़ाने के लिए कहता था उसके एक बड़े हिस्सा से पहले बकाया चुकाया जाता था और बाकी की राशि का इस्तेमाल उसके व्यक्तिगत खर्चों के लिए होता था। जनवरी 2018 में इस बैंक धोखाधड़ी के बारे में पता चला था और तब तक नीरव अपने परिवार के साथ विदेश भाग चुका था। इस मामले में उसके बेल्जियम में रहने वाले पिता दीपक, भाई नीशल, बहन पूर्वी और उसका पति मलांक मेहता आरोपी हैं।