Om Prakash Rajbhar दिनभर करते रहे BJP के संदेश का इंतजार, फैसला फिर टाला, नड्डा के फोन के बाद छाई मायूसी
फाइल फोटो
सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर बुधवार को भी अपने अल्टीमेटम पर फैसला नहीं ले पाए। सीटों का बंटवारा न होने पर राजभर बुधवार को भाजपा से रिश्ता तोड़ने का एलान करने वाले थे, लेकिन वह दिन भर भाजपा के संदेश की ही प्रतीक्षा करते रहे और देर रात तक कोई फैसला नहीं ले सके। लिहाजा उनका एलान एक बार फिर टल गया। पहले वह 26 मार्च को ही भाजपा से अलग होने का अल्टीमेटम दे चुके थे, लेकिन बाद में इसे एक दिन के लिए टाल दिया था। दूसरे दिन भी देर रात तक भाजपा की ओर से सीट दिए जाने को लेकर उनको कोई सूचना नहीं दी गई।वहीं, राजभर के अल्टीमेटम को देखते हुए बुधवार को उनके कालीदास मार्ग पर तमाम समर्थक और मीडियाकर्मियों की आवाजाही सुबह से लगी रही, लेकिन राजभर किसी से नहीं मिले।इस दौरान उनके बेटों ने कहा कि भाजपा की ओर से कभी एक घंटा तो कभी दो घंटे का समय लिया जा रहा है, इसलिए सुभासपा भी कोई फैसला नहीं कर पा रही है।
नड्डा के फोन के बाद छाई मायूसी
सूत्रों की मानें तो सुबह भाजपा के प्रदेश चुनाव प्रभारी जेपी नड्डा और अरविंद राजभर से फोन पर जरूर बात हुई थी, लेकिन कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिलने के बाद राजभर परिवार में मायूसी छा गई है। हालांकि बताया गया कि नड्डा ने अरविंद को आश्वस्त किया है कि सीट देने के मुद्दे पर जल्द फैसला लिया जाएगा।