Pakistan बालाकोट हमले के नुकसान को देखना नहीं चाहता: Air Force प्रमुख बीएस धनोआ
भारतीय वायु सेना प्रमुख बीएस धनोआ
पाकिस्तान ने बालाकोट हवाई हमले से हुए नुकसान को मानने से इनकार कर दिया है। ये हवाई हमला भारतीय वायुसेना ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के बालाकोट में स्थित ठिकाने पर 26 फरवरी को किया था। ये बात भारतीय वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ ने शुक्रवार को कही है। उन्होंने कहा कि सबूत आंखों के सामने हैं, लेकिन देखना नहीं चाहते। उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि भारतीय लड़ाकू विमानों ने अपने लक्ष्यों पर सटीक निशाना साधा था। धनोआ से जब ये सवाल पूछा गया कि पाकिस्तान ने भारतीय वायुसेना की कार्रवाई को लेकर कहा था कि इससे कोई नुकसान नहीं हुआ। तो इसपर धनोआ ने अमेरिकी गायक बॉब डायलन के 1963 में आए एल्बम का संदर्भ देते हुए कहा, 'यह आपके सामने है (पाकिस्तान), लेकिन आप उसे देखना नहीं चाहते.... मैं केवल डायलन की याद दिला सकता हूं।'
जम्मू कश्मीर के पुलवामा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) पर हुए आत्मघाती हमले के जवाब में भारतीय वायुसेना ने बालाकोट में आतंकी ठिकानों पर हवाई हमला किया था। 14 फरवरी को हुए पुलवामा हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे।
भारतीय वायुसेना के मिराज ने बालाकोट में तीन लक्ष्यों पर पांच इजरायली मूल के स्पाइस 2000 बमों से निशाना साधा था। ये जानकारी पहचान ना बताने की शर्त पर वायुसेना के दो अफसरों ने दी। प्रत्येक बम में 80 किलो विस्फोटक था जो 900 किलो की स्टील के खोल में था। इससे जहां हमला किया जाता है वहां मौजूद लोग भी नहीं बचते।
एक अन्य अधिकारी ने कहा कि बम अपने निशाने पर जाकर लगे। जिससे इमारतों में 80-90 सेंटीमीटर तक के छेद हो गए। धनोआ ने कहा कि प्रभाव के बिंदू उन्हें दिखाई देते हैं जिन्हें पता है कि कहां देखना है।
नरेंद्र मोदी (फाइल)
इससे पहले शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओडिशा में चुनावी रैली के दौरान भारतीय वायुसेना की कार्रवाई पर सवाल उठाने के लिए विपक्षी दलों की निंदा की थी। उन्होंने कहा था, "एक महीना हो गया है, पाकिस्तान अभी भी शव गिन रहा है और हमारे प्रतिद्वंद्वी बालाकोट हमले के सबूत मांग रहे हैं।"
प्रधानमंत्री ने कहा, "जब भारत आतंकवाद के विरुद्ध कार्रवाई करता है, उनके घर में घुसकर उन्हें मारता है, तब यहां कुछ लोग सबूत मांगते हैं।"
28 फरवरी को वायुसेना ने कहा था कि उनके पास विश्वनीय सबूत हैं कि मिराज 2000 ने अपने लक्ष्य पर सटीक निशाना साधा था। इसके सबूत के तौर पर सैटेलाइट और रडार तस्वीरें भी हैं, जो सरकार को सौंप दी गईं। बालाकोट हवाई हमले के एक महीने बाद भी वायुसेना हाई अलर्ट पर है और किसी भी कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है।
पाकिस्तान और भारत के बीच अभी भी तनाव बना हुआ है। बालाकोट हवाई हमले के बाद 27 फरवरी को पाकिस्तान ने भारत के सैन्य प्रतिष्ठान पर एफ-16 से हमला किया था। लेकिन भारतीय वायुसेना की जवाबी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों को वापस लौटना पड़ा।
इसी दौरान भारत और पाकिस्तान दोनों ने अपना एक-एक लड़ाकू विमान खो दिया। भारत के मिग-21 लड़ाकू विमान ने पाकिस्तान के एफ-16 को मार गिराया। जिससे वो सैन्य प्रतिष्ठान पर हमला करने में नाकाम रहा। भारत के मिग-21 में वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान थे। जिन्हें पाकिस्तान सेना ने हिरासत में ले लिया। एक मार्च को उन्हें रिहा कर दिया गया।
12 मार्च को रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तानी वायु सेना का 27 फरवरी को एफ-16 लड़ाकू विमान गिरा दिया लेकिन इस्लामाबाद इसे कभी स्वीकार नहीं करेगा। पुलवामा हमले के बाद से भारतीय नौसेना ने भी समुद्री सुरक्षा बढ़ा दी है।