SP के गढ़ में Mulayam के लिए वोट मांगेंगी Maya, एक मंच पर जुटेंगे गठबंधन के नेता
मुलायम सिंह यादव और मायावती (फाइल)
मैनपुरी में बसपा अध्यक्ष मायावती सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के लिए वोट मांगेगी। यहां 19 अप्रैल को सपा, बसपा और रालोद की संयुक्त रैली होगी। इस रैली में तीनों दलों के अध्यक्ष होंगे, लेकिन यहां सबकी नजरें मायावती पर रहेंगी। कारण यह है कि सपा और बसपा के गठबंधन के बाद से ही सोशल मीडिया पर गेस्ट हाउस कांड को उछाला जा रहा है। इस घटना के बाद सपा और बसपा में तल्खी बन गई थी। माना जा रहा है कि इस रैली से यादव और अनुसूचित जाति के वोटरों में अच्छा संदेश जाएगा। कड़वाहट की बातें पीछे छूट जाएंगी।इसके अलावा ब्रज में गठबंधन के नेता आगरा और फिरोजाबाद में भी रैली करेंगे। एक के बाद एक तीन संयुक्त रैलियों का जो प्लान बनाया है, उसके पीछे बड़ा मकसद है। छह सीटों वाले इस क्षेत्र में गठबंधन के तीनों बड़े नेताओं के परंपरागत वोटर बड़ी संख्या में है।
आगरा को अनुसूचित जाति की राजधानी कहा जाता है तो मैनपुरी को यादवों का सबसे मजबूत किला। इसी तरह मथुरा में जाट वोटर सबसे ज्यादा हैं। बसपा, सपा और रालोद के अध्यक्षों की कोशिश होगी कि जाट, एससी और यादव वोटरों को एकजुटता का संदेश दिया जाए।
कहां कब रैली
- आगरा में 16 अप्रैल को रैली होगी।
- मैनपुरी में 19 अप्रैल को रैली होगी।
- फिरोजाबाद में 20 अप्रैल को रैली होगी।
छोटे चौधरी के मंच पर होने का भी पड़ेगा असर
रालोद को गठबंधन में शामिल किए जाने पर काफी सस्पेंस रहा। अब छोटे चौधरी अखिलेश यादव और मायावती के साथ मंच पर होंगे तो इसका सकारात्मक संदेश जाएगा। खास तौर से फतेहपुर सीकरी और मथुरा के जाट वोटरों पर।
जाट वोटरों को रालोद का परंपरागत वोटर माना जाता है। मुजफ्फरनगर दंगे केबाद भाजपा ने इसने अच्छी खासी सेंधमारी की। अब महागठबंधन इन रैलियों से संदेश देना चाहेगा कि उसका समीकरण बेहद मजबूत है।
फिरोजाबाद में अखिलेश पर रहेंगी सबकी नजरें
फिरोजाबाद की रैली में सबकी नजरें अखिलेश यादव पर होंगी। यहां से सपा के उम्मीदवार अक्षय यादव हैं। प्रसपा से अखिलेश के चाचा शिवपाल सिंह यादव चुनाव लड़ेंगे। चाचा-भतीजे की इस जंग में सबसे अहम रोल अखिलेश और मुलायम सिंह यादव का रहने वाला है। यह तो यह है कि अखिलेश का हाथ अक्षय के साथ है लेकिन वह रैली में क्या बोलते हैं, यह महत्वपूर्ण होगा।