Supreme court ने लगाई रोक Himachal Pradesh केवन क्षेत्रों में पेड़ों के काटने पर रोक

पीठ ने अगले आदेश तक जिला वन अधिकारियों को एफआरए की धारा-3(2) के तहत मिले इस अधिकार का इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी है। अगली सुनवाई एक अप्रैल को होगी।
साथ ही शीर्ष अदालत ने कहा है कि जिन परियोजनाओं को अनुमति दे दी गई है लेकिन अब तक वहां पेड़ों को नहीं काटा गया है, तो वहां भी अगले आदेश पर पेड़ों को नहीं काटा जा सकता। इसकेअलावा पीठ ने अगली तारीख तक वन भूमि को गैर वानिकी उद्देश्य के लिए डायर्वट करने पर रोक लगा दी है।
वास्तव में सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई संबंधी रिपोर्ट देखने पर यह निर्णय लिया। सुप्रीम कोर्ट ने इस रिपोर्ट पर राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। पीठ ने राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए वन को और किसी तरह का नुकसान नहीं होना चाहिए। पीठ ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि हिमाचल प्रदेश के अनमोल और बेशकीमती वन को किसी तरह का नुकसान नहीं होना चाहिए।