मलेरिया के कारण हुई मौत ‘दुर्घटना’ नहीं : Supreme Court

डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट का दिया हवाला
हालांकि पीठ ने अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल करते हुए कहा कि बीमा कंपनी अब तक जितना क्लेम दे चुकी है, उसकी रिकवरी न की जाए। सुप्रीम कोर्ट ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा 2018 में जारी मलेरिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2017 में मोजांबिक में करीब 1 करोड़ मलेरिया के मामले सामने आए थे और इनमें से 14.7 हजार लोगों की की मलेरिया के कारण मौत हो गई थी।
क्या था मामला
पश्चिम बंगाल निवासी देवाशीष भट्टाचार्य ने जून 2011 में बैंक ऑफ बड़ौदा से 13.15 लाख रुपये का होम लोन लिया था। देवाशीष पर 19105 रुपये की 113 किश्त बनी थी। उसने नेशनल इंश्योरेंस से गृह ऋण सुरक्षा बीमा ले रखा था। इस बीमा के तहत भूकंप, आग के साथ-साथ निजी दुर्घटना को कवर किया गया था। देवाशीष असम के चाय बगान में बतौर मैनेजर काम करता था। वर्ष 2012 में उसने मोजाम्बिक की एक चाय कंपनी में नौकरी कर ली। 14 नवंबर को देवाशीष को मलेरिया के चलते अस्पताल में भर्ती होना पड़ा और 22 नवंबर को उसकी मौत हो गई थी।