अवैध विदेशियों का पता लगाने को लेकर कोई योजना न होने पर Assam Government को फटकार

मेहता चाहते थे कि सुनवाई ताली जाए। इस पर पीठ ने सवाल किया कि %असम के मुख्य सचिव कहां हैं। हम चाहते थे कि वे सुनवाई के दौरान मौजूद रहे। क्या हमने उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने की छूट दी है। क्या हमें उनके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी करना चाहिए। हम जानना चाहते थे कि आखिर उन अवैध विदेशियों के कैसे पता लगाएंगे जो आबादी में घुलमिल गए हैं। इसलिए हम चाहते थे कि मुख्य सचिव यहां मौजूद रहे। सुनवाई केवक्त उपस्थित न रहने और सहयोग नहीं करने से आपको कोई फायदा नहीं होने वाला। वह अदालत के साथ खेल रहे हैं। आप सिर्फ मामले को खिंच रहे हैं।’
पीठ ने आठ अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई पर असम केमुख्य सचिव को व्यक्तिगत तौर पर हाजिर होने के लिए कहा है। साथ ही यह भी कहा कि जब तक पेशी से छूट न हो वे सुनवाई की तारीखों पर उपस्थित होते रहेंगे।