BJP Delhi के लिए अलग से संकल्प पत्र लाएगी, पढ़ें कौन-कौन से मुद्दे होंगे शामिल
सांकेतिक तस्वीर
दिल्ली के चुनावी संग्राम में जहां आम आदमी पार्टी पूर्ण राज्य और कांग्रेस केंद्रीय मुद्दों पर चुनाव प्रचार में जुटी है, वहीं भाजपा बड़ी सूझबूझ के साथ आगे बढ़ रही है। सूत्रों की मानें तो भाजपा ने कांग्रेस और आप पर दोहरा वार करते हुए दिल्ली के लिए अलग से संकल्प पत्र लाने का फैसला लिया है। ये संकल्प पत्र भाजपा के लिए न सिर्फ लोकसभा, बल्कि आगामी विधानसभा चुनावों में भी काम कर सकेगा। पार्टी सूत्रों की मानें तो भाजपा का लक्ष्य केंद्र के साथ साथ दिल्ली में भी सरकार बनाना है, इसलिए पार्टी चाहती है कि अभी से विपक्षी पार्टियों पर दबाव बना रहे।भाजपा ने केंद्र के अलावा दिल्ली के लिए भी अलग से संकल्प पत्र लाने का निर्णय लिया है। हालांकि अभी तक संकल्प पत्र के वादे स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन बताया जा रहा है कि आम आदमी पार्टी के पूर्ण राज्य के मुद्दे को लेकर भाजपा संकल्प पत्र तैयार करने जा रही है। कहा ये भी जा रहा है कि अगले कुछ ही दिन में इस संकल्प पत्र की घोषणा दिल्ली भाजपा अध्यक्ष एवं सांसद मनोज तिवारी करेंगे। दिल्ली को लेकर अलग से संकल्प पत्र लाने पर मनोज तिवारी ने भी पुष्टि की है। उन्होंने कहा है कि जल्द ही संकल्प पत्र सार्वजनिक किया जाएगा। हालांकि संकल्प पत्र के दावों को तय करने की जिम्मेदारी एक समिति को दी गई है।
मांग रही है। भाजपा चाहती है कि जनता को पता चले कि पूर्ण राज्य न होने के बाद भी दिल्ली में कितना और क्या-क्या विकास किया जा सकता है।
इसके अलावा जब भी दिल्ली के विकास की बात हुई है तो केंद्र सरकार ने किस तरह उसमें दिल्ली सरकार की मदद की है, इसके बारे में भी संकल्प पत्र में बिंदु शामिल होंगे।
स्कूल, अस्पताल, सड़क, फुटओवर ब्रिज, यमुना, अनधिकृत कॉलोनियां, मेट्रो और यातायात इत्यादि के विकास में हुए दिल्ली सरकार के फायदे को भी गिनाएंगे।
सालाना पांच लाख का स्वास्थ्य लाभ
बताया जा रहा है कि आयुष्मान भारत योजना को दिल्ली में रोक मिलने के कारण हजारों परिवारों को स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल सका है। भाजपा अपने संकल्प पत्र में इन लोगों को सालाना पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य लाभ देने का संकल्प भी लेगी। साथ ही सवर्णों को आरक्षण आदि केंद्रीय योजनाओं को राजधानी में लागू करने का वादा भी संकल्प पत्र में शामिल हो सकता है।