Gorkha जनमुक्ति मोर्चा के दो नेताओं को Supreme Court से अंतरिम राहत
बिमल गुरांग (फाइल)
सुप्रीम कोर्ट ने गोरखा जनमुक्ति मोर्चा केनेता रौशन गिरि और बिमल गुरांग को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत देते हुए चार दिनों के भीतर कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने केलिए कहा है। दोनों ने लोकसभा चुनाव के प्रचार के लिए अग्रिम जमानत की गुहार लगाई थी। न्यायमर्ति अरूण मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि अगर रौशन और बिमल हाईकोर्ट में इस तरह की याचिका दायर करते हैं तो उसका निपटारा तेजी से किया जाना चाहिए। पीठ ने 10 दिसंबर, 2018 केआदेश के तहत दोनों नेताओं को मिली अंतरिम राहत अगले आदेश तक जारी रखने के लिए कहा है।
ये दोनों नेता चाहते हैं कि जब तक दार्जिलिंग में चुनाव संपन्न नहीं हो जाता है तब तक उन्हें संरक्षण दिया जाए। नेताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी का कहना था कि इन दोनों के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज हैं। उन्हें आगामी लोकसभा चुनाव में हिस्सा लेने से रोका जा रहा है। एफआईआर राजनीतिक दुर्भावना से ग्रसित है। लिहाजा दोनों को अंतरिम संरक्षण दिया जाए।