अब तो बस Kashmir को अलग करने की घोषणा ही बाकी: देशद्रोह कानून को खत्म करने के वादे पर पूर्व DGP

पूर्व डीजीपी बृजलाल ने अपनी फेसबुक पोस्ट पर लिखा कि 2 जुलाई1971 को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा मेंटीनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट 1971 (मीसा) पास करवाया गया जिसका दुरुपयोग कर आपातकाल के दौरान राजनैतिक विरोधियों को जेल में अनिश्चितकाल तक बंद रखा गया और लोकतंत्र का गला घोंट दिया गया। उसी राह पर चलते हुए यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने साम्प्रदायिक एवं लक्षित हिंसा (निवारण बिल )-2011 का ड्राफ़्ट तैयार करवाया। जो कि हिंदू समाज को बांटने, हिंदू संगठनों आरएसएस व विश्व हिंदू परिषद को कुचलने के लिए लाया जा रहा था।
वहीं, पंजाब में आतंकवाद की समस्या से निपटने के लिए 23 मई 1985 को टाडा एक्ट (टेरेरिस्ट एंड डिसरप्टिव एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट) लाया गया जिसे कांग्रेस ने 1995 में समाप्त कर दिया।
इसके बाद अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में आतंकवाद का सामना करने के लिए प्रिवेंशन ऑफ टेरेरिस्ट एक्टिविटीज एक्ट 2002 (पोटा) लाया गया जिसे कांग्रेस की यूपीए सरकार ने ही 2004 में सत्ता में आते ही समाप्त कर दिया। पूर्व डीजीपी ने पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को भी टैग किया है।