Keral की वायनाड Lok Sabha सीट की 11 बड़ी बातें जहां से Rahul Gandhi लड़ेंगे चुनाव

वायनाड लोकसभा सीट की 11 खास बातें
2. यह सीट 2008 में निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन के दौरान अस्तित्व में आई थी।
3. 2009 और 2014 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के स्वर्गीय नेता एम आई शानवास यहां से सांसद थे।
4. वायनाड संसदीय क्षेत्र की सीमा रेखा कर्नाटक राज्य से सटी हुई है। यहां अनुसूचित जाति-जनजाति की जनसंख्या ज्यादा है।
5. कांग्रेस को दक्षिणी राज्यों में राहुल गांधी के होने से राजनीतिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
6. कांग्रेस के हिसाब से राहुल गांधी के कारण दक्षिणी राज्यों में सबरीमला मामले से भाजपा को मिलने वाले राजनीतिक फायदे से निपटने में पार्टी को आसानी हो सकती है।
7. केरल में जैसे जैसे वाम दलों की पकड़ ढीली होती जा रही है, भाजपा उनकी जगह लेने की कोशिश में लगी हुई है।
8. वायनाड एक पहाड़ी जिला है जो मसालों के लिए जाना जाता है। यहां उगाई जाने वाली काली मिर्ची विश्व बाजार में प्रसिद्ध है।
9. यह जिला नक्सल प्रभावित क्षेत्र में आता है।
10. यह केरल की सबसे कम आबादी वाला जिला है, 30 प्रतिशत जमीन जंगलों से ढकी हुई है।
बहरहाल, राहुल गांधी के यहां से चुनाव लड़ने के फैसले से दक्षिण भारत में कांग्रेस में नए जोश का संचार हो सकता है। केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में उसकी ताकत कमजोर हो चुकी है। ऐसे में राहुल का फैसला कांग्रेस को फायदा पहुंचा सकता है। हालांकि, इस फैसले ने वामदलों को नाराज जरूर कर दिया है।