Lok Sabha चुनाव 2019 : PM Modi के खिलाफ मैदान में नहीं है कोई प्रत्याशी, असमंजस में पड़ा विपक्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
केंद्र में अगली सरकार बनाने का दावा कर रही कांग्रेस और सपा-बसपा गठबंधन वाराणसी, मिर्जापुर और आजमगढ़ मंडल की 12 सीटों पर उम्मीदवार तक तय नहीं कर पाया है। भाजपा और सहयोगी दलों के मुकाबले कांग्रेस और गठबंधन के नेता अब भी उसकी रणनीति की टोह ले रहे हैं। जबकि भाजपा-अपना दल (एस) गठबंधन ने इसी क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दो केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समेत सात प्रत्याशी घोषित कर जाहिर कर दिया है कि वह पूर्वांचल में विपक्ष को जगह नहीं देगा।
भाजपा प्रचार में भी आगे निकल गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तो प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में दो बार आकर चुनावी माहौल तैयार कर चुके हैं। भाजपा के प्रदेश सह मंत्री सुनील ओझा हर दिन समर्थकों और कार्यकर्ताओं से संवाद कर रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन भी यहां डेरा डाल चुके हैं। भाजपा ने राबटर्सगंज सीट अपना दल (एस) के लिए छोड़ दी है, जबकि भदोही, घोसी, लालगंज और जौनपुर के प्रत्याशियों के नाम पर मंथन चल रहा है। माना जा रहा है कि इस सप्ताह घोषणा हो जाएगी।
प्रत्याशियों की घोषणा में देरी से कार्यकर्ता ऊहापोह में...
ललितेश पति त्रिपाठी(फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala
दूसरी ओर विपक्ष की ओर से प्रत्याशियों की घोषणा में देरी से कार्यकर्ता ऊहापोह में हैं। नेता भी मनोवैज्ञानिक दबाव में है और बड़े नेताओं की ओर से निर्देश न मिलने और नाम तय न होने के कारण प्रचार तक शुरू नहीं हो सका है। भाजपा गठबंधन के बड़े नेताओं के मुकाबले कांग्रेस केवल मिर्जापुर से ललितेश पति त्रिपाठी की उम्मीदवारी घोषित कर सकी है।
वाराणसी में पीएम मोदी से मुकाबले के लिए कांग्रेस में शामिल हो चुके हार्दिक पटेल और भीम आर्मी के चंद्रशेखर के अलावा कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के नाम की अटकलें भर हैं। वहीं गाजीपुर में मनोज सिन्हा के खिलाफ लड़ने के लिए वह बाबू सिंह कुशवाहा की जन अधिकारी पार्टी के सहारे है।
चंदौली में बाबू सिंह कुशवाहा की पत्नी शिवकन्या कुशवाहा की उम्मीदवारी की चर्चा है लेकिन कांग्रेसी घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। गठबंधन भी आजमगढ़ से पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के अलावा चर्चित उम्मीदवार तय नहीं कर पाया है। गाजीपुर में बसपा से अफजाल अंसारी का नाम हवा में है तो जौनपुर को लेकर गठबंधन पशोपेश में है।
इसी के साथ बलिया में नीरज शेखर और अंबिका चौधरी को लेकर पेच फंसा हुआ है। चंदौली सीट के लिए हर सप्ताह अलग-अलग नाम सामने आ जाते हैं। मिर्जापुर में पार्टी ने नए चेहरे पर दांव लगाया है। वाराणसी से भी सपा प्रत्याशी के तौर पर सुरेंद्र पटेल का सिर्फ नाम ही लिया जा रहा है।
अभी तक मैदान में उतरे हैं ये उम्मीदवार
वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (भाजपा), चंदौली से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और सांसद डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय (भाजपा), आजमगढ़ से सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव (सपा-बसपा गठबंधन), दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ (भाजपा), गाजीपुर में राज्यमंत्री मनोज सिन्हा (भाजपा), मिर्जापुर में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल (भाजपा-अद एस गठबंधन), राजेंद्र एस बिंद (सपा-बसपा गठबंधन), ललितेशपति त्रिपाठी (कांग्रेस) का नाम घोषित हो चुका है।
वहीं, सोनभद्र के राबर्ट्सगंज से भाई लाल कोल (सपा-बसपा गठबंधन), भगवती प्रसाद चौधरी (कांग्रेस), मऊ के घोसी सीट से बाल कृष्ण चौहान (कांग्रेस), बलिया से वीरेंद्र सिंह 'मस्त' (भाजपा), जौनपुर के मछलीशहर सीट से वीपी सरोज (भाजपा) मैदान में उतर चुके हैं। हालांकि अभी भदोही, लालगंज और जौनपुर से प्रमुख दलों के प्रत्याशी घोषित नहीं हुए हैं।