UP में Congress ने खुद को साबित कर चुके नेताओं को ही दिया Ticket, युवाओं को ज्यादा मौके नहीं
राहुल गांधी (फाइल फोटो)
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने अधिकतर उन्हीं नेताओं पर भरोसा जताया है, जो पूर्व में खुद को जनता के बीच साबित कर चुके हैं। यूपी में उसके 71 फीसदी प्रत्याशी सांसद, पूर्व सांसद या विधायक या फिर उनके परिवारों के ही सदस्य हैं। टिकट पाने वालों में अपने दम पर पहचान बनाने वाले युवाओं की भागीदारी करीब-करीब नगण्य है। अभी तक कांग्रेस ने यूपी में कुल 56 प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है। इनमें छह सांसद हैं। रायबरेली से सोनिया गांधी और अमेठी से राहुल गांधी के अलावा राज्यसभा सांसद डॉ. संजय सिंह को सुल्तानपुर और राज बब्बर को फतेहपुर सीकरी से प्रत्याशी बनाया गया है। भाजपा छोड़कर कांग्रेस का हाथ थामने वाले इटावा के सांसद अशोक दोहरे और बहराइच की सांसद सावित्री बाई फुले को भी पार्टी ने उनकी मौजूदा सीट से उतारा है।
पहले चरण की 8 सीटों में से बागपत और मुजफ्फरनगर से कांग्रेस ने सपा-बसपा-रालोद गठबंधन के समर्थन में प्रत्याशी न उतारने का फैसला किया है। बाकी छह प्रत्याशियों में चार प्रत्याशी पूर्व सांसद या पूर्व विधायक हैं। गाजियाबाद से डॉली शर्मा और गौतमबुद्ध नगर से डॉ. अरविंद सिंह चौहान ही ऐसे प्रत्याशी हैं, जो किसी सदन के सदस्य नहीं रहे हैं।
दूसरे चरण की आठ सीटों में नगीना से पूर्व सांसद ओमवती जाटव, बुलंदशहर से पूर्व विधायक वंशी सिंह पहाड़िया, अलीगढ़ से पूर्व सांसद चौधरी बिजेंद्र सिंह व हाथरस से पूर्व विधायक त्रिलोकी राम दिवाकर मैदान में हैं। सिर्फ तीन सीटों अमरोहा, मथुरा और आगरा पर ही ऐसे प्रत्याशी हैं, जो पूर्व में विधायक या सांसद नहीं रहे हैं।
इस चरण की सीटों पर ये बने प्रत्याशी
पांचवें चरण की 14 सीटों में से कांग्रेस ने 11 पर प्रत्याशी उतारे हैं। इनमें कौशांबी सुरक्षित सीट से प्रत्याशी गिरीशचंद्र पासी के अलावा शेष 10 उम्मीदवार या तो सांसद हैं या पूर्व सांसद या फिर उन्हें विरासत में राजनीति मिली है।
पांचवें चरण में शामिल सीतापुर से बसपा की पूर्व सांसद कैसर जहां और फतेहपुर से सपा के पूर्व सांसद राकेश सचान को मौका दिया गया है। रायबरेली, अमेठी और बहराइच से सिटिंग सांसद के अलावा धौरहरा से पूर्व सांसद जितिन प्रसाद, मोहनलालगंज से पूर्व सांसद रामशंकर भार्गव, बांदा से पूर्व सांसद बाल कुंवर पटेल और फैजबाद से पूर्व सांसद निर्मल खत्री को उतारा गया है। बाराबंकी सुरक्षित सीट से पूर्व सांसद पीएल पुनिया के पुत्र तनुज पुनिया पर दांव लगाया है।
काडर के इन नेताओं को मिला टिकट
इस तरह देखा जाए तो कांग्रेस के 56 प्रत्याशियों में से छह सांसद और 30 पूर्व सांसद हैं। तनुज पुनिया के अलावा विरासत परंपरा में महराजगंज से पूर्व सांसद स्व. हर्षवर्धन सिंह की बेटी सुप्रिया श्रीनेत और मिश्रिख से पूर्व केंद्रीय मंत्री रामलाल राही की पुत्रवधू मंजरी राही को टिकट दिया गया है।
अलबत्ता कांग्रेस के काडर श्रेणी में शामिल परवेज खान संतकबीरनगर से और युवा पंकज मोहन सोनकर लालगंज सुरक्षित सीट से जरूर टिकट पाने में सफल रहे हैं।