Police को मिला बनिहाल आत्मघाती हमलावर का पत्र, Pulwama दोहराना चाहता था आतंकी

ओवैस ने नोट में एक युवा पैलेट गन पीड़ित, 18 महीने के हिब्बा निसार का जिक्र किया है। नंवबर 2018 में उसकी आंख पर गोली लग गई थी। उसने रिजवान असद पंडित का भी जिक्र किया है जिसकी मार्च 2019 में अवंतीपुर के पुलिस स्टेशन में कस्टडी में मौत हो गई थी।
आत्महत्या पत्र में उसने कहा है, 'मैंने अत्याचारों का बदला लेने के लिए खुद को विस्फोटकों से लैस कर लिया है और इसके लिए जिम्मेदार भारतीयों को उड़ा दूंगा। जिस समय आप इस पत्र को पढ़ेंगे। तब मैं अल्लाह की जन्नत में सुख-सुविधाओं का आनंद उठा रहा होउंगा। यदि भारत ने कश्मीरियों को स्वतंत्र रूप से अपनी किस्मत का फैसला करने का हक दिया होता तो शायद मुझे यह कदम उठाना नहीं पड़ता।'
जम्मू कश्मीर पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार ओवैस की पहचान ओवैस अहमद मलिक, मोहम्मद युसूफ मलिक के बेटे के तौर पर हुई है जो बिजबेहड़ा के अरवानी का रहने वाला है। उसे सी श्रेणी का आतंकी बताया गया है। जिसका कोड मुसई जिहादी/हुजैफा है। वह 5 अप्रैल 2018 को हिज्बुल मुजाहिद्दीन में शामिल हुआ था। वह बिजबेहड़ा के अबलीपोरा में सक्रिय था।
जम्मू कश्मीर पुलिस और एनआईए की जांच से इस बात की पुष्टि हो गई है कि ओवैस ने धमाके के लिए ह्युंडई सैंट्रो कार का इस्तेमाल किया था। कार का इंजन और चासिस नंबर आपस में मेल नहीं खाते हैं। ह्युंडई से की गई पूछताछ से पता चला है कि शायद गाड़ी चोरी की थी या फिर इंजन के साथ छेड़छाड़ की गई थी या किसी और गाड़ी के इंजन को इस कार में लगाया गया था।