Supreme court का फैसला, निजी कंपनियों में काम कर रहे कर्मचारियों को अब मिलेगी ज्यादा पेंशन - Bharat news, bharat rajniti news, uttar pradesh news, India news in hindi, today varanasi newsIndia News (भारत समाचार): India News,world news, India Latest And Breaking News, United states of amerika, united kingdom

.

अन्य विधानसभा क्षेत्र

बेहट नकुड़ सहारनपुर नगर सहारनपुर देवबंद रामपुर मनिहारन गंगोह कैराना थानाभवन शामली बुढ़ाना चरथावल पुरकाजी मुजफ्फरनगर खतौली मीरापुर नजीबाबाद नगीना बढ़ापुर धामपुर नहटौर बिजनौर चांदपुर नूरपुर कांठ ठाकुरद्वारा मुरादाबाद ग्रामीण कुंदरकी मुरादाबाद नगर बिलारी चंदौसी असमोली संभल स्वार चमरौआ बिलासपुर रामपुर मिलक धनौरा नौगावां सादात

मंगलवार, 2 अप्रैल 2019

Supreme court का फैसला, निजी कंपनियों में काम कर रहे कर्मचारियों को अब मिलेगी ज्यादा पेंशन

Supreme court का फैसला, निजी कंपनियों में काम कर रहे कर्मचारियों को अब मिलेगी ज्यादा पेंशन


सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर
उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) ने सोमवार को निजी कंपनियों में काम करने वाले सभी कर्मचारियों के लिए पहले से ज्यादा पेंशन का रास्ता साफ कर दिया है। इससे पेंशन में कई गुना की बढ़ोतरी हो जाएगी। अदालत ने कर्मचारी भविष्य निधि संस्था (ईपीएफओ) द्वारा केरल उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) के फैसले के खिलाफ दाखिल विशेष याचिका को खारिज कर दिया है।  उच्च न्यायालय ने ईपीएफओ से कहा था कि वह सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनकी पूरी तनख्वाह के आधार पर पेंशन दे ना कि अंशदान के आधार पर तय किया जाए जोकि प्रतिमाह अधिकतम 15 हजार रूपये निर्धारित है। अपने आदेश में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा, 'हमें विशेष याचिका में कोई योग्यता नहीं मिली। इसी वजह से इसे खारिज किया जाता है।'

जहां यह खुशी की बात है कि कर्मचारियों की पेंशन बढ़ जाएगी वहीं भविष्य निधि (पीएफ फंड) में कमी आएगी। अब इसका ज्यादा हिस्सा पीएफ की बजाए कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) में जाएगा। मगर नए नियम के अनुसार इतनी पेंशन बढ़ जाएगी जिससे कि इस अंतर का फासला बढ़ जाएगा। केंद्र सरकार ने ईपीएस की शुरुआत 1995 में की थी। जिसके अंतर्गत नियोक्ता कर्मचारी की तनख्वाह का अधिकतम सालाना 6,500 रुपये (प्रतिमाह 541) का 8.33 प्रतिशत ही ईपीएस में जमा कर सकता था।

हालांकि मार्च 1996 में सरकार ने इस कानून में संशोधन किया। जिसके अनुसार यदि  कर्मचारी अपनी पूरी तनख्वाह के हिसाब से योजना में योगदान देना चाहे और नियोक्ता भी इसके लिए राजी हो तो उसे पेंशन भी उसी हिसाब से मिलनी चाहिए। सितंबर 2014 में ईपीएफओ ने एक बार फिर से नियम में बदलाव किया। जिसके बाद अधिकतम 15 हजार रुपये के 8.33 फीसदी के योगदान को मंजूरी मिल गई।

हालांकि इसके साथ यह नियम भी लाया गया है कि यदि कोई कर्मचारी अपनी पूरी तनख्वाह पर पेंशन लेना चाहता है तो उसकी पेंशन वाली तनख्वाह पांच साल के हिसाब से तय की जाएगी। इससे पहले यह पिछले साल की औसत तनख्वाह पर तय होता था। जिसके कारण कई कर्मचारियों की तनख्वाह कम हो गई थी। फिर मामला उच्च न्यायालय पहुंचा। जिसके बाद केरल उच्च न्यायालय ने 1 सितंबर 2014 को हुए बदलाव को रद्द करके पुरानी प्रणाली को बहाल कर दिया था।

Loan calculator for Instant Online Loan, Home Loan, Personal Loan, Credit Card Loan, Education loan

Loan Calculator

Amount
Interest Rate
Tenure (in months)

Loan EMI

123

Total Interest Payable

1234

Total Amount

12345