मुलायम की समधन सहित चार अफसरों पर 50-50 लाख का हर्जाना, नोटिस जारी करने का दिया निर्देश
मुलायम सिंह यादव
गोमती के आसपास सफाई को लेकर जिन चार अधिकारियों की लापरवाही से नगर निगम पर एनजीटी ने दो करोड़ रुपये का हर्जाना लगाया, अब उन्हीं अफसरों से इसकी भरपाई की जाएगी। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की समधन भी शामिल हैं। चारों को नोटिस जारी करने के लिए नगर आयुक्त ने अपर नगर आयुक्त को निर्देश दिए हैं।
नदी के आसपास सफाई व्यवस्था सही न मिलने, तट के किनारे कूड़ा पड़ा होने और नालों की गंदगी गोमती में जाने को लेकर सोमवार को एनजीटी ने नगर निगम पर दो करोड़ रुपये का पर्यावरणीय हर्जाना लगाया था। एक महीने पहले एनजीटी ने निगम को गोमती तटों के आसपास से कचरा हटाने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद निगम प्रशासन ने दिखावे के लिए आस-पास सफाई तो कराई, पर तटों से जमा कचरे को हटाने का काम सही से नहीं किया। इस कारण हर्जाना लगा। नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी ने इसके लिए जिम्मेदार मुख्य अभियंता सिविल एसपी सिंह, मुख्य अभियंता विद्युत यांत्रिक राम नगीना त्रिपाठी, जोनल अधिकारी जोन तीन राजेश गुप्ता और जोनल अधिकारी जोन छह अम्बी बिष्ट पर 50-50 लाख रुपये का हर्जाना व्यक्तिगत रूप से लगाया है। अम्बी बिष्ट मुलायम सिंह यादव की समधन हैं।
जिनकी लापरवाही से हर्जाना, उनसे ही वसूली
नगर आयुक्त का कहना है कि निरीक्षण में सामने आया कि गोमती के आसपास सफाई को लेकर जो निर्देश जोनल अधिकारी जोन तीन व जोन छह, मुख्य अभियंता सिविल व मुख्य अभियंता अभियंता विद्युत-यांत्रिक को दिए गए, उन्होंने उनका पालन सुनिश्चित नहीं किया।
इस कारण ही एनजीटी ने सफाई कार्य पर असंतोष जताते हुए हर्जाना लगाया है। जिनकी लापरवाही से हर्जाना लगा, उन्हीं अधिकारियों से बराबर-बराबर क्षतिपूर्ति की वसूली होगी। इसे लेकर अपर नगर आयुक्त अमित कुमार को निर्देश दिए गए हैं कि इस संबंध में तीन दिन में स्पष्टीकरण तलब कर हर्जाना जमा कराएं।