भाजपा जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश, डीएम ने दी तारीख
जिला पंचायत अध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह उर्फ राकेश बघेल - फोटो : bharat rajneeti
जिला पंचायत अध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह उर्फ राकेश बघेल के खिलाफ 28 सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव दिया है। इसे जिलाधिकारी एनजी रवि कुमार ने स्वीकार कर लिया। अब 12 जुलाई को बहस के बाद मतदान होगा। इसमें अध्यक्ष को बहुमत साबित करना होगा।
जिला पंचायत के 51 में से 28 सदस्यों ने 21 जून को डीएम के समक्ष अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किए थे। डीएम ने परीक्षण के बाद इन प्रस्तावों को स्वीकार करते हुए अगली बैठक की घोषणा कर दी। 12 जुलाई को जिला पंचायत सभागार में पूर्वाह्न 10.30 बजे से अविश्वास प्रस्ताव पर बहस होगी।इसके बाद अध्यक्ष को बहुमत साबित करना होगा। इसके लिए उन्हें कम से कम 26 सदस्यों के समर्थन की जरूरत होगी। बता दें कि वर्ष 2017 में प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद मार्च 2018 में प्रबल प्रताप ने तख्ता पलट करते हुए सपा की कुशल यादव की कुर्सी पर कब्जा कर लिया था। वह सवा साल ही अध्यक्ष रह पाए। इस बीच एक गुट ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
वर्ष 2015 में जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव हुआ था। इसमें समाजवादी पार्टी की कुशल यादव अध्यक्ष बनी थीं। लेकिन, 2017 में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा के प्रबल प्रताप ने अविश्वास प्रस्ताव लाकर इस पर कब्जा कर लिया। जिला पंचायत अध्यक्ष का बमुश्किल डेढ़ साल कार्यकाल शेष है। सितंबर 2020 में इस चुनाव की घोषणा हो सकती है।
प्रबल प्रताप को एससी आयोग के अध्यक्ष डा. रामशकंर कठेरिया का समर्थन था। जिला पंचायत की कुर्सी पर बैठाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। लोकसभा चुनाव से पहले जब कठेरिया और प्रो. एसपी सिंह बघेल के बीच विवाद गहराया तो प्रबल प्रताप सिंह कठेरिया के साथ खड़े हो गए।
उन्होंने एसपी सिंह बघेल के खिलाफ प्रेस कांफ्रेंस तक कर डाली। जबकि एसपी सिंह बघेल तब प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। मगर, प्रबल प्रताप सफल नहीं हो पाए।
तमाम कोशिशों के बावजूद एसपी सिंह बघेल न सिर्फ आगरा लोकसभा सीट से भाजपा की टिकट लाने में सफल रहे बल्कि सांसद भी चुने गए। इस बार तख्ता पलट के पीछे भाजपा के ही एक खेमे के हाथ माना जा रहा है।
मुख्य विकास अधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ का कहना है कि जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया है। इस पर 12 जुलाई को बैठक होगी। बहस के बाद मतदान होगा।
जिला पंचायत अध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह का कहना है कि मेरे पास पूर्ण बहुमत है। 12 जुलाई को इसे साबित भी करूंगा। मुझे पार्टी का भी पूरा समर्थन है।