एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा शिवसेना से शामिल, उद्धव ठाकरे बोले- पहले गन बोलती थी, अब मन बोलेगा

खास बातें
शर्मा ने कहा कि अब तक सामाजिक मंच से काम कर रहा था, अब शिवसेना के राजनीतिक मंच से काम करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है, इसे व्यर्थ नहीं जाने दूंगा।
गौरतलब है कि वरिष्ठ निरीक्षक (सीनियर इंस्पेक्टर) प्रदीप शर्मा को 2008 में लखन भैया फर्जी मुठभेड़ मामले में शामिल होने के आरोप में निलंबित कर दिया गया था। इस मामले में 13 अन्य पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी भी हुई थी। लंबे समय तक निलंबित रहने के बाद 2013 में उन्होंने फिर से पुलिस सेवा ज्वाइन की थी।
रिपोर्ट्स के अनुसार, तत्कालीन कांग्रेस-एनसीपी सरकार प्रदीप शर्मा को फिर से नौकरी पर रखने के पक्ष में नहीं थी लेकिन राजनीति में शामिल होने की धमकी देने के बाद उन्हें सेवा में वापस ले लिया गया।
प्रदीप शर्मा को अंडरवर्ल्ड में अपने नेटवर्क के लिए भी जाना जाता है। वह 1983 में महाराष्ट्र पुलिस सेवा में शामिल हुए। जिसके बाद उन्हें मुंबई क्राइम ब्रांच टीम का हिस्सा बनाया गया। इस टीम को मुंबई से अंडरवर्ल्ड को खत्म करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
जिसके बाद शर्मा ने एक के बाद एक कई मुठभेड़ में नाम कमाया। शर्मा ने दाऊद के भाई इकबाल कासकर को भी गिरफ्तार किया और जबरन वसूली रैकेट का भंडाफोड़ किया था। 90 के दशक में इस टीम ने मुंबई में अंडरवर्ल्ड के 300 से ज्यादा अपराधियों को मार गिराया। हालांकि इनमें से कई एनकाउंटर विवादित भी रहे।