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Saturday, September 21, 2019

महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी से तालमेल को लेकर कांग्रेस में मचा घमासान

महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी से तालमेल को लेकर कांग्रेस में मचा घमासान

Conflict in Congress with SP over seat sharing in Maharashtra Legislative Assembly

खास बातें

  • कांग्रेस सपा के लिए भिवंडी समेत तीन सीटें छोड़ेंगी
  • बदले में सपा तीन अन्य सीटों पर उतारेगी फ्रेंडली उम्मीदवार
  • सोनिया को पत्र लिख विरोध दर्ज कराया
  • 2014 में सपा ने जीती थी सिर्फ भिवंडी
महाराष्ट्र विधानसभा में सपा के साथ सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस में घमासान शुरू हो गया है। इस समीकरण पर नाराज पार्टी नेताओं का मानना है कि नेतृत्व ऐसी सीटें सपा को देने जा रहा है जिन्हें कांग्रेस आसानी से जीत सकती है। उनका कहना है कि यदि पार्टी इसी नीति पर चलती रही तो यूपी की तरह ही यहां भी अपनी जमीन खो बैठेंगे। महाराष्ट्र में कांग्रेस-एनसीपी के बीच 125-125 सीटों का तालमेल है लेकिन राज्य में सक्रिय कुछ छोटे दलों और संगठनों को 38 सीटें दी जा सकती हैं। सपा नेता अबु हाशिमी ने भिवंडी विधानसभा सीट समेत तीन सीटों पर मजबूती से दावा किया है।

इन सीटों पर कांग्रेस संगठनात्मक और जमीनी तौर पर मजबूत है इस लिए स्थानीय नेता और दावेदार इसका विरोध कर रह हैं। वहीं इसके एवज में सपा तीन अन्य सीटों पर कांग्रेस के खिलाफ फ्रेंडली उम्मीदवार उतारेगी। एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कर जो फार्मूला बनाया है उसमें भाजपा उम्मीदवार के खिलाफ विपक्ष की ओर से एक ही उम्मीदवार उतारने की रणनीति है।

सोनिया को पत्र लिख विरोध दर्ज कराया

महाराष्ट्र इकाई के नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र भेजकर विरोध दर्ज कराया है। उनका कहना है कि सपा जो सीट चाहती है उसका पार्टी को कोई राजनीतिक फायदा नहीं है। लोकसभा चुनाव में अस्तित्व खो चुकी सपा को तीन सीटें देकर हम उन्हें फिर जिंदा कर देंगे। पार्टी के कुछ लोग व्यक्तिगत फायदे के लिए एक बार फिर घाटे का सौदा कराना चाहते हैं। उन्होंने कहा, सपा की ओर से जो संभावित उम्मीदवार हैं उन पर दाउद से रिश्तों के आरोप हैं ऐसे में अगर कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़ती है तो राजनीतिक नुकसान हमें होगा सपा को नहीं।

2014 में सपा ने जीती थी सिर्फ भिवंडी

भिवंडी एक मात्र सीट है जहां सपा 2014 में जीती थी। लोकसभा चुनाव में यहां से सपा उम्मीदवार को महज सात हजार वोट मिले थे। जबकि कांग्रेस ने 62 हजार वोट पाए हैं ऐसे में उसे सीट देकर पार्टी खुद को खत्म कर लेगी। इसी प्रकार मानखुर्द में कांग्रेस को 44 हजार वोट मिले हैं। औरंगाबाद ईस्ट भी सपा चाहती है जबकि कांग्रेस ने यहां आठ हजार वोट पाए थे।