ऑड-ईवन पर सियासत तेज, भाजपा-कांग्रेस ने आप पर चलाए तीर

ऑड-ईवन - फोटो : bharat rajneeti
दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के ऑड-ईवन फार्मूला फिर से लागू करने के एलान के बाद सियासत तेज हो गई है। भाजपा ने इसे महज चुनावी स्टंट तो कांग्रेस ने इसे जनसमस्याओं से जनता का ध्यान भटकाने का हथकंडा बताया है। वहीं, आम आदमी पार्टी ने मुख्यमंत्री के फैसले की सराहना की है। सिर्फ श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं केजरीवाल: तिवारी
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने खुद का प्रचार करने के सिवाय दिल्ली का प्रदूषण रोकने के लिए कुछ नहीं किया। प्रदूषण रोकने के लिए ठोस उपाय तो केंद्र सरकार ने किए लेकिन केजरीवाल इसका श्रेय लेने की कोशिश करते रहे हैं।
अब प्रदूषण के नाम पर ऑड-ईवन लागू करके दिल्ली की जनता को परेशान करेंगे। मनोज तिवारी ने ऑड-ईवन को भ्रष्टाचार करने का एक माध्यम करार दिया है। तिवारी न कहा कि एक्सप्रेस वे बनने के बाद करीब 60 हजार भारी वाहनों का दिल्ली में प्रवेश बंद हो गया। इससे प्रदूषण में कमी आई है। तिवारी ने आरोप लगाया कि केजरीवाल की झूठ, फरेब की राजनीति अब दिल्ली में चलने वाली नहीं है। आगामी विधानसभा चुनाव में जनता उन्हें सबक सिखाएगी।
दूसरी तरफ नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आरोप लगाया कि ऑड-ईवन योजना चुनाव से पहले का पब्लिसिटी स्टंट है। इस फैसले के लिए दिल्ली सरकार ने कोई ठोस अध्ययन नहीं कराया है। आप सरकार मनमाने ढंग से प्रदूषण और इससे निपटने के तरीकों को राजनीतिक चश्मे से देख रही है। उन्होंने कहा कि सक्षम जन यातायात प्रणाली के अभाव में इस योजना से दिल्ली के लोगों को भारी परेशानी होगी।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने खुद का प्रचार करने के सिवाय दिल्ली का प्रदूषण रोकने के लिए कुछ नहीं किया। प्रदूषण रोकने के लिए ठोस उपाय तो केंद्र सरकार ने किए लेकिन केजरीवाल इसका श्रेय लेने की कोशिश करते रहे हैं।
अब प्रदूषण के नाम पर ऑड-ईवन लागू करके दिल्ली की जनता को परेशान करेंगे। मनोज तिवारी ने ऑड-ईवन को भ्रष्टाचार करने का एक माध्यम करार दिया है। तिवारी न कहा कि एक्सप्रेस वे बनने के बाद करीब 60 हजार भारी वाहनों का दिल्ली में प्रवेश बंद हो गया। इससे प्रदूषण में कमी आई है। तिवारी ने आरोप लगाया कि केजरीवाल की झूठ, फरेब की राजनीति अब दिल्ली में चलने वाली नहीं है। आगामी विधानसभा चुनाव में जनता उन्हें सबक सिखाएगी।
दूसरी तरफ नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आरोप लगाया कि ऑड-ईवन योजना चुनाव से पहले का पब्लिसिटी स्टंट है। इस फैसले के लिए दिल्ली सरकार ने कोई ठोस अध्ययन नहीं कराया है। आप सरकार मनमाने ढंग से प्रदूषण और इससे निपटने के तरीकों को राजनीतिक चश्मे से देख रही है। उन्होंने कहा कि सक्षम जन यातायात प्रणाली के अभाव में इस योजना से दिल्ली के लोगों को भारी परेशानी होगी।
जनता का ध्यान भटकाने की साजिश: यूसुफ
दिल्ली सरकार की ऑड-ईवन योजना पर दिल्ली प्रदेश कांग्रेस भी हमलावर है। प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हारून यूसुफ ने आरोप लगाया कि केजरीवाल सरकार का ऑड-ईवन लागू करने का फैसला दिल्ली की जनता को प्रभावित करने वाली अन्य समस्याओं से ध्यान भटकाने को हथकंडा है।
केजरीवाल को जादूगर करार देते हुए युसूफ ने कहा कि उनके पास दिल्ली में प्रदूषण की समस्या पर उनके पास कोई जवाब नहीं है। यूसुफ के मुताबिक, 2016 में लागू ऑड-ईवन पर चर्चा तो बहुत हुई, लेकिन इससे दिल्ली में प्रदूषण का स्तर नीचे नहीं लाया जा सका।
यूसुफ ने सवाल किया कि केजरीवाल पिछले तीन वर्षों से इस मसले पर चुप क्यों थे। दूसरी तरफ कार्यकारी अध्यक्ष राजेश लिलोठिया ने कहा कि ऑड-ईवन स्कीम से दिल्ली में वायु प्रदूषण में कुछ खास फर्क नहीं पड़ने वाला है।
सिर्फ 14 फीसदी वायु प्रदूषण वाहन यातायात से होता हैं, जबकि 56 प्रतिशत प्रदूषण धूल से। राजेश लिलोठिया ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रदूषण रोधी शुल्क के रूप में दिल्ली में प्रवेश करने के लिए प्रति वाहन 700 से 2500 रुपये एकत्र कर रही है, और इस प्रकार दिल्ली सरकार ने लगभग 1500 करोड़ रुपये से अधिक एकत्र किए हैं। लिलोठिया ने केजरीवाल से पूछा कि उस पैसे से केजरीवाल सरकार ने क्या किया।
केजरीवाल को जादूगर करार देते हुए युसूफ ने कहा कि उनके पास दिल्ली में प्रदूषण की समस्या पर उनके पास कोई जवाब नहीं है। यूसुफ के मुताबिक, 2016 में लागू ऑड-ईवन पर चर्चा तो बहुत हुई, लेकिन इससे दिल्ली में प्रदूषण का स्तर नीचे नहीं लाया जा सका।
यूसुफ ने सवाल किया कि केजरीवाल पिछले तीन वर्षों से इस मसले पर चुप क्यों थे। दूसरी तरफ कार्यकारी अध्यक्ष राजेश लिलोठिया ने कहा कि ऑड-ईवन स्कीम से दिल्ली में वायु प्रदूषण में कुछ खास फर्क नहीं पड़ने वाला है।
सिर्फ 14 फीसदी वायु प्रदूषण वाहन यातायात से होता हैं, जबकि 56 प्रतिशत प्रदूषण धूल से। राजेश लिलोठिया ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रदूषण रोधी शुल्क के रूप में दिल्ली में प्रवेश करने के लिए प्रति वाहन 700 से 2500 रुपये एकत्र कर रही है, और इस प्रकार दिल्ली सरकार ने लगभग 1500 करोड़ रुपये से अधिक एकत्र किए हैं। लिलोठिया ने केजरीवाल से पूछा कि उस पैसे से केजरीवाल सरकार ने क्या किया।
आप ने योजना की तारीफ की
आम आदमी पार्टी का कहना है कि दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने की यह मुहिम दिल्ली की जनता की है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी को इस मुहिम में सहयोग करना चाहिए। वहीं, पार्टी ने तंज कसा कि विश्व के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में से सात शहर भाजपा शासित सरकार के अधीन है।
पार्टी कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए आप प्रवक्ता आतिशी ने बताया कि बीते दस सालों में दिल्ली में प्रदूषण का स्तर 25 फीसदी कम हुआ है। इसके लिए केवल सरकार नहीं बल्कि पूरी दिल्ली की जनता बधाई के पात्र हैं। इसमें और कमी लाने के लिए दिल्ली सरकार केंद्र सरकार के साथ मिलकर, नगर निगम के साथ मिलकर और नई नई रणनीतियां बना रही है।
आतिशी ने बताया कि अरविंद केजरीवाल ने ऑड ईवन के साथ इस समस्या से निपटने के लिए सात बिंदुओं का विंटर एक्शन प्लान भी तैयार किया है। उन्होंने हैरानी जाहिर की कि मनोज तिवारी दिल्ली में ऑड इवन लागू करने की जरूरत ही नहीं मानते। इस तरह का नकारात्मक रवैया ठीक नहीं है। आतिशी ने मनोज तिवारी से मुहिम में सहयोग देने की अपील की।
दूसरी तरफ आप प्रवक्ता व विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मनोज तिवारी बौखलाए हुए हैं। जब कभी भी दिल्ली सरकार कोई जनहित का काम करती है तो पहले उसका विरोध करते हैं और जब दिखाई देता है कि यह काम तो सही है, तब उसका श्रेय लेने के लिए लड़ाई करते हैं। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दुनिया के 10 सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में से सात भारत के शहर हैं। हैरानी की बात है कि सातों राज्यों में भाजपा की सरकार है।
आप का भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से सवाल
. क्या आपको लगता है कि नवंबर, दिसंबर में प्रदूषण खत्म है?
. क्या आपको लगता है कि दिल्ली वालों को नवंबर, दिसंबर में प्रदूषण से बचाने की जरूरत नहीं है?
. क्या आपको लगता है कि ऑड ईवन जैसे आपातकालीन उपाय जो सुप्रीम कोर्ट के ग्रीडिड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान का हिस्सा है, को लागू करने की जरूरत नहीं है?
. क्या हमें दिल्ली के बच्चों को मास्क नहीं देनी चाहिए, कि अगर प्रदूषण बढ़े तो बच्चे बिना किसी परेशानी के बाहर जा सकें, अपने स्कूल जा सकें?
. मनोज तिवारी बताएं कि जब पड़ोसी राज्यों में पराली जलाई जाएगी तो क्या उसका असर हमारी दिल्ली के बच्चों और बुजुर्गों पर नहीं पड़ेगा?
पार्टी कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए आप प्रवक्ता आतिशी ने बताया कि बीते दस सालों में दिल्ली में प्रदूषण का स्तर 25 फीसदी कम हुआ है। इसके लिए केवल सरकार नहीं बल्कि पूरी दिल्ली की जनता बधाई के पात्र हैं। इसमें और कमी लाने के लिए दिल्ली सरकार केंद्र सरकार के साथ मिलकर, नगर निगम के साथ मिलकर और नई नई रणनीतियां बना रही है।
आतिशी ने बताया कि अरविंद केजरीवाल ने ऑड ईवन के साथ इस समस्या से निपटने के लिए सात बिंदुओं का विंटर एक्शन प्लान भी तैयार किया है। उन्होंने हैरानी जाहिर की कि मनोज तिवारी दिल्ली में ऑड इवन लागू करने की जरूरत ही नहीं मानते। इस तरह का नकारात्मक रवैया ठीक नहीं है। आतिशी ने मनोज तिवारी से मुहिम में सहयोग देने की अपील की।
दूसरी तरफ आप प्रवक्ता व विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मनोज तिवारी बौखलाए हुए हैं। जब कभी भी दिल्ली सरकार कोई जनहित का काम करती है तो पहले उसका विरोध करते हैं और जब दिखाई देता है कि यह काम तो सही है, तब उसका श्रेय लेने के लिए लड़ाई करते हैं। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दुनिया के 10 सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में से सात भारत के शहर हैं। हैरानी की बात है कि सातों राज्यों में भाजपा की सरकार है।
आप का भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से सवाल
. क्या आपको लगता है कि नवंबर, दिसंबर में प्रदूषण खत्म है?
. क्या आपको लगता है कि दिल्ली वालों को नवंबर, दिसंबर में प्रदूषण से बचाने की जरूरत नहीं है?
. क्या आपको लगता है कि ऑड ईवन जैसे आपातकालीन उपाय जो सुप्रीम कोर्ट के ग्रीडिड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान का हिस्सा है, को लागू करने की जरूरत नहीं है?
. क्या हमें दिल्ली के बच्चों को मास्क नहीं देनी चाहिए, कि अगर प्रदूषण बढ़े तो बच्चे बिना किसी परेशानी के बाहर जा सकें, अपने स्कूल जा सकें?
. मनोज तिवारी बताएं कि जब पड़ोसी राज्यों में पराली जलाई जाएगी तो क्या उसका असर हमारी दिल्ली के बच्चों और बुजुर्गों पर नहीं पड़ेगा?