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Saturday, October 5, 2019

एयरचीफ मार्शल भदौरिया ने कुबूला आपरेशन बालाकोट का सच, पूर्व वायुसेनाध्यक्ष धनोआ कतराते रहे

एयरचीफ मार्शल भदौरिया ने कुबूला आपरेशन बालाकोट का सच, पूर्व वायुसेनाध्यक्ष धनोआ कतराते रहे

वायुसेनाध्यक्ष एयरचीफ मार्शल राकेश सिंह भदौरिया
वायुसेनाध्यक्ष एयरचीफ मार्शल राकेश सिंह भदौरिया - फोटो : bharat rajneeti

खास बातें

  • आपरेशन बालाकोट से वायुसेना ने लिया सबक
  • आपरेशनल वार रूम को बनाएगी त्रुटि रहित
पूर्व वायुसेनाध्यक्ष एयरचीफ मार्शल आपरेशन बालाकोट के बाद वायुसेना के हेलीकॉप्टर एमआई-17 की दुर्घटना पर हमेशा सच बोलने से कतराते रहे। वायसेना मुख्यालय ने  भी कभी जुबान नहीं खोली, लेकिन देश के नये वायुसेनाध्यक्ष एयरचीफ मार्शल राकेश भदौरिया ने सच को कुबूल कर लिया। वायुसेनाध्यक्ष एयरचीफ मार्शल भदौरिया ने माना कि आपरेशन बालाकोट के दौरान यह चूक हुई थी। भारतीय सशस्त्र बल की मिसाइल नेे ही एमआई-17 5वी हेलीकॉप्टर को हिट किया था। इस दुर्घटना में वायुसेना के छह जवान शहीद हुए और एक नागरिक की जान चली गई थी। अब वायुसेना की योजना इस तरह की खामियों को दूर करने के लिए अपने कमान एंड कंट्रोल सिस्टम को चुस्त-दुरुस्त करने की है।

स्पाइडर एयर डिफेंस मिसाइल से उड़ाया था अपना हेलीकॉप्टर

27 फरवरी को भारतीय वायुसैनिकों को लगा था कि पाकिस्तान का हेलीकॉप्टर भारतीय सीमा में आ गया है। जबकि भारतीय वायुसेना के हर फाइटर जेट, हेलीकॉप्टर, लॉजिस्टिक सपोर्ट हेलीकॉप्टर पर पहचान के चिन्ह अंकित होते हैं। श्रीनगर के पास तैनात वायुसेना के कमान एंड कंट्रोल सिस्टम ने हेलीकॉप्टर की भनक लगते ही स्पाइडर एयर डिफेंस मिसाइल प्रणाली से एमआई-175वी को निशाना बनाया और पलक झपकते ही हेलीकाप्टर जमीन पर मलबे में तब्दील हो गया।

पहले इस हेलीकॉप्टर को पाकिस्तान द्वारा गिराए जाने की खबरें आई। इस पर पाकिस्तान ने सफाई दी। बाद में भारतीय वायुसेना ने बोर्ड ऑफ इंक्वायरी का गठन किया। अब एयर चीफ मार्शल का कहना है कि जांच पूरी हो गई है। वायुसेना के दो अफसरों पर जल्द ही इस लापरवाही की गाज गिरने वाली है।

वायुसेना की साख पर लगा बट्टा

एमआई-17 5वी हेलीकॉप्टर को वायुसेना की ही मिसाइल से गिराए जाने की घटना ने साख पर सवाल पैदा कर दिया है। सैन्य सूत्र भी इसे बहुत गंभीर घटना मान रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर एक पूर्व एयर मार्शल ने बताया कि आपरेशन बालाकोट कोई पूर्ण युद्ध नहीं बल्कि एक संक्षिप्त टारगेट बेस्ड आपरेशन था। एक छोटे से सैन्य आपरेशन में तालमेल और आपरेशनल क्षमता की यह कमी वायुसेना की साख पर सवाल उठा रहे हैं।

यह वायुसेना के वार रूम और कमान एंड कंट्रोल प्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। हालांकि सूत्र का कहना है कि वायुसेनाध्यक्ष एयरचीफ मार्शल ने वायुसेना की चूक मान ली है और उन्होंने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में इस तरह की गलती नहीं होगी, लेकिन सैन्य इतिहास में इसे एक बड़ी लापरवाही माना जाएगा। सूत्र के मुताबिक आपरेशन बालाकोट भारतीय वायुसेना के खाते में दर्ज एक बेहतर सैन्य आपरेशन है, लेकिन सैन्य समीक्षा में इसे अच्छा आपरेशन नहीं कहा जाएगा।

आपरेशन बालाकोट से भारतीय वायुसेना ने लिया सबक

पुलवामा में आतंकी हमले के बाद हुए आपरेशन बालाकोट और उसके बाद युद्ध जैसे हालात से निबटने के प्रयास में भारतीय वायुसेना ने कई सबक लिए हैं। विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान आपरेशन बालाकोट के बाद बनी सैन्य टकराव की स्थिति के हीरो हैं, लेकिन विंग कमांडर द्वारा अपने फाइटर प्लेन के साथ भारतीय सीमा को पार कर पाकिस्तान की सीमा में प्रवेश करना, पाकिस्तान के लड़ाकू विमान को हिट करना और इसके बाद उनका पाकिस्तान के क्षेत्र में पैराशूट से उतरना भी एक सबक माना जा रहा है। वायुसेना इसके सभी पहलुओं पर व्यापक अध्ययन करने के बाद अपनी आपरेशनल क्षमता को धार देने में लगी है।