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Monday, October 14, 2019

प्रबंधन और यूनियन के बीच बातचीत नाकाम, आज से हड़ताल पर जांएगे एचएएल कर्मचारी

प्रबंधन और यूनियन के बीच बातचीत नाकाम, आज से हड़ताल पर जांएगे एचएएल कर्मचारी

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (फाइल फोटो)
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (फाइल फोटो)
रक्षा क्षेत्र की सार्वजनिक कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के प्रबंधन और यूनियन के बीच वेतन के मुद्दे को लेकर जारी बातचीत नाकाम हो गई है। जिसके कारण आज से देशभर के एचएएल कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। इसे लेकर एचएएल ने एक बयान भी जारी किया है।  बयान में एचएएल का कहना है, 'प्रबंधन के एक मैत्रीपूर्ण/ प्रारंभिक वेतन समझौते को लेकर किए जा रहे ठोस प्रयासों के बावजूद दुर्भाग्य से यूनियनों ने हठी रवैया अपनाते हुए ऑफर को स्वीकार नहीं किया और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। जबकि प्रबंधन ने उनसे इस मुद्दे को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की अपील की थी।'

रविवार को महासचिव और अखिल भारतीय एचएएल व्यापार संघ की समन्वय समिति के मुख्य संयोजक सूर्यदेव चंद्रशेखर ने कहा, 'जैसा कि पहले तय किया हुआ था, एचएएल इकाई के सभी कर्मचारी 14 अक्तूबर, 2019 से अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करेंगे।' ट्रेड यूनियनों ने प्रबंधन को 30 सितंबर को ही नोटिस देकर सूचित कर दिया था कि देशभर में एचएएल की नौ इकाई 14 अक्तूबर से हड़ताल पर हैं। 

यह हड़ताल इसलिए हो रही है क्योंकि देशभर के लगभग 20 हजार कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने को लेकर जारी वार्ता विफल हो गई। एचएएल प्रबंधन ने अखिल भारतीय एचएएल व्यापार संघ समन्वय समिति की प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल को अवैध बताया है और राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर चेतावनी दी।

एचएएल ने बयान में कहा, 'वार्ता के दौरान, मजदूरी वार्ता समिति ने कर्मचारियों/ संगठन और राष्ट्र के हित को खतरे में डालते हुए किसी भी हड़ताल/ आंदोलन का सहारा लेने के दुष्प्रभावों से यूनियनों को अवगत कराया था।' प्रबंधन का कहना है कि इस प्रस्तावित हड़ताल से संगठन के प्रदर्शन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

प्रबंधन ने पहले कहा था राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में और सशस्त्र बलों को अपनी सेवाएं सुचारु रूप से देने में मदद करने के लिए यह जरूरी है कि कर्मचारी किसी भी तरह की अवैध हड़ताल न करें और प्रबंधन द्वारा किए गए वेतन संशोधन को मान लें। ट्रेड यूनियनें कर्मचारियों और प्रबंधकर्ताओं के लिए प्रस्तावित वेतन बढ़ोतरी में भेदभाव पर सवाल उठा रहे हैं। यूनियन जनवरी 2017 से वेतन संशोधन की मांग कर रही हैं।