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Tuesday, November 26, 2019

Live: अजित को पार्टी से निकालने पर ये बोले पवार, विपक्ष ने राज्यपाल को दिया पत्र


पिछले तीन दिनों से महाराष्ट्र की राजनीति ऐसे मोड़ ले रही जिसके बारे में किसी ने सोचा नहीं था। जोड़-तोड़ के बाद यहां कई ट्विस्ट देखने को मिल रहे हैं। भाजपा जहां दावा कर रही है कि उसके पास बहुमत है। वहीं शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी उनपर सदन में बहुमत परीक्षण कराने की मांग कर रही है। इसके अलावा उनकी कोशिश अपने विधायकों को टूटने से बचाने की भी है। इस सियासी ड्रामे की दशा और दिशा अब उच्चतम न्यायालय के मंगलवार को दिए जाने वाले फैसले पर टिकी हुई हैं। यह देखना होगा कि अदालत क्या फैसला देती है। इसी बीच शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के नेताओं ने सोमवार को राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के पास एक पत्र भेजा जिसमें उन्होंने दावा किया है कि राज्य में सरकार गठन के लिए आवश्यक आंकड़ा उनके पास है।

भाजपा के पास नहीं है बहुमत: शरद पवार

एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने कहा, 'यह तथ्य है कि भाजपा के पास बहुमत नहीं है और यही वजह है कि उन्होंने सरकार नहीं बनाई थी। उन्होंने यहां तक राज्यपाल को पत्र लिखकर कहा था कि उनके पास बहुमत नहीं है और इसीलिए वह सरकार नहीं बनाएंगे।' जब पवार से पूछा गया कि क्या उनकी पार्टी से अजित को बाहर निकाल दिया जाएगा तो उन्होंने कहा, 'यह कुछ ऐसा नहीं है जिसका एक व्यक्ति फैसला ले सकता है। इसका फैसला पार्टी तब लेगी जब उसके सामने इसे रखा जाएगा।'

शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस ने राज्यपाल को सौंपा पत्र

एनसीपी नेता जयंत पाटिल ने कहा, 'आज सुबह 10 बजे शिंदे, थोराट, चव्हाण, विनायक, राउत, आजमी, केसी पड़वी और मैंने एनसीपी की तरफ से राज्यपाल को एक पत्र सौंपा हैं जिसमें 162 विधायकों का समर्थन है। पत्र में कहा गया है कि देवेंद्र फडणवीस की सरकार के पास बहुमत का आंकड़ा नहीं है। वे विधानसभा के फ्लोर टेस्ट में फेल हो जाएंगे। उनके नाकाम होने के बाद शिवसेना को सरकार बनाने का आमंत्रण दिया जाए।' पत्र पर शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के विधायक दल के नेताओं एकनाथ शिंदे, जयंत पाटिल और बालासाहेब थोराट के हस्ताक्षर हैं।

हमने ढाई-ढाई साल सीएम पद की मांग की थी: शरद पवार

सतारा पहुंचे एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने अजित पवार के भाजपा के साथ जाने के पीछे अपना हाथ होने से इनकार करते हुए कहा कि हम सरकार बनाने में पूरी तरह सक्षम हैं, बातचीत में देरी हुई क्योंकि हमारी विचारधारा अलग-अलग थी। इस सवाल पर कि क्या अजित पवार ने आपके इशारे पर यह कदम उठाया है? इसपर शरद पवार ने हंसते हुए कहा कि अगर मेरा हाथ होता तो कम से कम मैं अपनी पार्टी के नेताओं को तो भरोसे में लेता। मैं शिवसेना के साथ आगे बढ़ चुका हूं। अब पीछे नहीं हटूंगा।

भाजपा गुंडागर्दी कर रही है: संजय राउत

शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि गुरुग्राम के एक होटल में एनसीपी के 3 विधायकों को ठहराया गया था। उन्हें शिवसेन और एनसीपी के लोगों ने मिलकर वहां से निकाला है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम के होटल में गुंडों को बाहर सुरक्षा में लगाया गया था, दहशतगर्दी जैसे हालात थे। राउत ने कहा कि बहुमत का आंकड़ा ऐफिडेविट के साथ हमारे पास है।
सोनिया गांधी के आवास पहुंचे कांग्रेस नेता

कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के आधिकारिक आवास पर पार्टी नेता अधीर रंजन चौधरी, गुलाम नबी आजाद, केसी वेणुगोपाल और अन्य नेता पहुंचे हैं। वह यहां कांग्रेस के संसदीय रणनीति समूह की बैठक के लिए पहुंचे हैं।

अजित से मिलने पहुंचे छगन भुजबल

एनसीपी के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री अजित पवार से बातचीत करने के लिए उनके आवास पर पहुंचे। इससे पहले सुबह पांच बजे वह अपने विधायकों से मिलने के लिए हयात होटल पहुंचे थे। विधायकों से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि मैं यहां अपने विधायकों से मिलने आया हूं। हमारे एक या दो विधायक ही यहां नहीं हैं। बाकी हमारी पूरी संख्या है।

वापस लौटे अजित पवार गुट के दो विधायक

अजित पवार गुट का समर्थन करने वाले दो बागी विधायक दिल्ली से मुंबई लौट गए हैं। एनसीपी के दो विधायक दौलत दरौडा और अनिल पाटिल सोमवार सुबह मुंबई पहुंचे। ये दोनों भाजपा के साथ होने का दावा कर दिल्ली पहुंचे थे। इन दोनों विधायकों का एनसीपी के पास वापस लौटना अजित पवार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

क्या हम जनादेश के खुले अपहरण के दौर में पहुंच चुके हैं

प्रियंका ने ट्वीट कर कहा, 'टीवी दिखा रहा है कि भाजपा महाराष्ट्र में संस्थाओं, संविधान को ठेंगा दिखाते हुए कर्नाटक का खेल फिर से दोहराना चाह रही है। महाराष्ट्र में 12000 किसानों ने आत्महत्या कर ली। उनके लिए भाजपा सरकार की जेब से तो मदद नहीं निकली। क्या हम जनादेश के खुले अपहरण के दौर में पहुंच चुके हैं?'