छत्तीसगढ़: 151 नगर निकाय चुनाव के लिए मतदान जारी, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद - Politics news of India | Current politics news | Politics news from India | Trending politics news,India News (भारत समाचार): India News,world news, India Latest And Breaking News, United states of amerika, united kingdom

.

Saturday, December 21, 2019

छत्तीसगढ़: 151 नगर निकाय चुनाव के लिए मतदान जारी, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

151 नगर निकाय चुनाव के लिए मतदान जारी, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
छत्तीसगढ़ में 151 नगर निकायों के चुनाव के लिए शनिवार सुबह से मतदान जारी है। राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि छत्तीसगढ़ में 151 नगर निकायों में चुनाव के साथ दो नगर निकायों में उपचुनाव के लिए सुबह आठ बजे मतदान हो रहा है। मतदाता शाम पांच बजे तक अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।

जिन नगर निकायों के लिए आज मतदान हो रहा है उनमें 10 नगर निगम, 38 नगर पालिका परिषद और 103 नगर पंचायत शामिल हैं। नगर निकाय चुनावों के लिए 10 हजार से ज्यादा उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। अधिकारियों ने बताया कि सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण मतदान के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने चाक-चौबंद व्यवस्था की है।

उन्होंने बताया कि नगर निकायों में मतपत्रों और मतपेटियों से होने वाले मतदान के लिए कुल पांच हजार 427 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इन मतदान केंद्रों में कुल 40 लाख से अधिक मतदाता मतदान करेंगे। इनमें पुरूष मतदाताओं की संख्या 20 लाख चार हजार 607 और महिला मतदाताओं की संख्या 20 लाख 303 है। तृतीय लिंग के मतदाताओं की संख्या 443 है।

अधिकारियों ने बताया कि 151 नगर निकायों में दो हजार 840 वार्ड पार्षद और उपचुनाव वाले दो नगर निकायों में तीन पार्षद चुने जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस चुनाव में राज्य के विभिन्न नगर निकायों के कुल छह वार्डों में निर्विरोध निर्वाचन हुआ है। उम्मीदवार की मृत्यु के कारण एक वार्ड में निर्वाचन स्थगित किया गया है।

सभी अभ्यर्थियों द्वारा नामांकन वापस ले लेने से रिक्त रह गए वार्डों की संख्या दो है। वहीं कुल तीन वार्डों में एक भी नामांकन पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। छत्तीसगढ़ में राज्य निर्माण के बाद यह पहली बार है कि नगर निगमों के महापौर और अन्य नगर निकायों के अध्यक्ष का चुनाव अप्रत्यक्ष (निर्वाचित पार्षदों के माध्यम से) होगा। राज्य की आम जनता पार्षदों का चुनाव करेगी और फिर चुने गए पार्षद नगर निकायों के महापौर और अध्यक्ष का चुनाव करेंगे। पहले महापौर और अध्यक्ष का चुनाव सीधे जनता करती थी।