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Thursday, January 16, 2020

अमेरिका: राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ महाभियोग अब सीनेट में चलेगा, 228 सांसदों के वोट से मिली मंजूरी

राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ महाभियोग अब सीनेट में चलेगा
  • निचले सदन में हुई वोटिंग में 228 सांसदों ने इसके पक्ष में डाला वोट
  • 193 सांसदों ने विपक्ष में की वोटिंग, 438 सदस्यीय निचले सदन में डेमोक्रेट्स का है दबदबा
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ अब संसद के ऊपरी सदन सीनेट में महाभियोग की कार्यवाही चलाई जाएगी। बुधवार को संसद के निचले सदन में चल रही महाभियोग की इस कार्यवाही को ऊपरी सदन सीनेट में भेजने के पक्ष में सांसदों ने वोट कर अपनी मंजूरी दे दी।

बता दें कि सत्ता के दुरुपयोग और संसद के काम में अवरोध पैदा करने के आरोप में ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही अमल में लाई जा रही है। यह कार्यवाही अब सीनेट में चलेगी। ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही सीनेट में चलाए जाने के पक्ष में 228 सांसदों ने जबकि विपक्ष में 193 सांसदों ने वोट दिया।

जानकारी के अनुसार, अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने बुधवार को सीनेट में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग कार्यवाही आगे बढ़ाते हुए इसे उच्च सदन में भेजने के लिए मतदान किया, ताकि उन्हें सत्ता के दुरुपयोग और कांग्रेस के लिए बाधा पैदा करने को लेकर पद से हटाया जा सके।

सदन ने महाभियोग चलाने के लिए अभियोजन पक्ष की ओर से सात सांसदों को भी नियुक्त किया है, जो डेमोक्रेट सदस्यों के साथ महाभियोग की कार्यवाही पर बहस करेंगे। इन्हें स्पीकर नैंसी पेलोसी ने नामित किया है।

बता दें कि 435 सदस्यों वाले निचले सदन में बीते साल 18 दिसंबर को राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ पद के दुरुपयोग के आरोप लगाते हुए महाभियोग चलाए जाने की संस्तुति की गई थी।

कांग्रेसी और इंटेलिजेंस पर स्थायी चयन समिति के अध्यक्ष एडम शिफ नामित किए गए सदस्यों की समिति के प्रमुख होंगे। उनके साथ कांग्रेसी और सदन की न्यायिक समिति के प्रमुख जेरी नैडलर, जोए लोफग्रेन, हकीम जेफरीज, वैल डेनिंग डेमिंग्स व दो अन्य सदस्य इस समिति में शामिल रहेंगे।

महाभियोग की कार्यवाही अब उच्च सदन सीनेट में चलेगी, जहां ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के पास 100 सदस्यों के साथ बहुमत है। ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही के 21 जनवरी से शुरू होने की संभावना है, जिसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश करेंगे। ट्रायल के दौरान व्हाइट हाउस राष्ट्रपति का बचाव करेगा।

वहीं उच्च सदन में ट्रंप की पार्टी के पास बहुमत होने के चलते व्हाइट हाउस का मानना है कि वह इस कार्यवाही से अपने पक्ष में मोड़ लेगा। व्हाइट हाउस में चीन के साथ व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर के दौरान ट्रंप ने अपने खिलाफ चलाए जा रहे महाभियोग को पिछले कुछ सप्ताह से चली आ रही छल और छद्म वाली कार्यवाही के रूप में वर्णित किया। इस दौरान स्पीकर नैंसी पेलोसी पर भी निशाना साधा गया।

ट्रंप के अभियान के प्रबंधक ब्रैड पार्सकेल ने कहा कि स्पीकर नैंसी पेलोसी ने जिन आरोपों को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही चलाए जाने का प्रयास किया है, इसमें वह असफल साबित हुई हैं। महाभियोग की यह कार्यवाही शुरू से ही एक दिखावटी और डेमोक्रेट की आने वाले दस महीनों में होने वाले चुनावों में दखलंदाजी करने की कोशिश से अधिक कुछ भी नहीं है।

ट्रंप पर लगे हैं ये आरोप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर आरोप हैं कि उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में संभावित प्रतिद्वंद्वी जो बिडेन और उनके बेटे के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच के लिए यूक्रेन की सरकार पर दबाव बनाया। बता दें कि बिडेन के बेटे यूक्रेन की एक ऊर्जा कंपनी में बड़े अधिकारी हैं। ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडीमिर जेलेंस्की के बीच हुई कथित फोन वार्ता महाभियोग के लिए एक अहम सबूत की तरह है।