उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव: सपा-बसपा ने मुस्लिम वोट बंटने के डर से ओवैसी से बनाई दूरी - Politics news of India | Current politics news | Politics news from India | Trending politics news,India News (भारत समाचार): India News,world news, India Latest And Breaking News, United states of amerika, united kingdom

.

अन्य विधानसभा क्षेत्र

बेहट नकुड़ सहारनपुर नगर सहारनपुर देवबंद रामपुर मनिहारन गंगोह कैराना थानाभवन शामली बुढ़ाना चरथावल पुरकाजी मुजफ्फरनगर खतौली मीरापुर नजीबाबाद नगीना बढ़ापुर धामपुर नहटौर बिजनौर चांदपुर नूरपुर कांठ ठाकुरद्वारा मुरादाबाद ग्रामीण कुंदरकी मुरादाबाद नगर बिलारी चंदौसी असमोली संभल स्वार चमरौआ बिलासपुर रामपुर मिलक धनौरा नौगावां सादात

Tuesday, June 29, 2021

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव: सपा-बसपा ने मुस्लिम वोट बंटने के डर से ओवैसी से बनाई दूरी

बहुसंख्यक वोटों के ध्रुवीकरण की भी चिंता
भाजपा से मुकाबले के लिए सपा-बसपा मुस्लिम वोट बैंक के प्रति अतिरिक्त प्रेम प्रदर्शित करने से कतरा रहे हैं


उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) दोनों ने ही असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजिलस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) से दूरी बना ली है। दरअसल, दोनों ही पार्टियां राज्य में अपने मुस्लिम वोट बैंक में एक और हिस्सेदार बनाना नहीं चाहतीं।

यही वजह है, पश्चिम बंगाल की तरह ही उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी असदुद्दीन ओवैसी दूसरे बड़े क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन नहीं कर पाए। बिहार में गठबंधन के बाद बसपा ने ओवैसी से सार्वजनिक दूरी बना ली है, जबकि सपा ने भी ओवैसी से गठबंधन करने से इंकार किया है।

गौरतलब है कि यूपी में मुस्लिम वोट बैंक सपा और बसपा के बीच बंटता रहा है। राज्य में भाजपा से मुकाबले के लिए दोनों दल मुस्लिम वोट बैंक के प्रति अतिरिक्त प्रेम प्रदर्शित करने से कतरा रहे हैं। इन दलों को लगता है कि ओवैसी को साथ लेने से जहां बहुसंख्यक वोटों का भाजपा के पक्ष में ध्रुवीकरण होने का खतरा बढ़ेगा। वहीं, कुछ सीटें जीत कर ओवैसी मुस्लिम वोट बैंक के नए हिस्सेदार बन कर उभरेंगे।

सपा-बसपा की इसी रणनीति के कारण ओवैसी सोहेल देव पार्टी जैसे छोटे दलों के साथ भागीदारी संकल्प मोर्चा के साथ मैदान में उतरने की योजना बनाई है। हालिया पश्चिम बंगाल चुनाव में भी टीएमसी, कांग्रेस और वाम दलों ने ओवैसी से दूरी बनाई थी। जबकि बिहार में ओवैसी बसपा और रालोसपा के साथ चुनाव मैदान में उतरे थे।

सहारे के बिना बेअसर

ओवैसी राज्यों में दूसरे दलों के सहारे के बिना बेअसर साबित हुए हैं। बिहार में उन्हें बसपा और रालोसपा के साथ का लाभ मिला और पार्टी पांच सीटें जीतने में कामयाब रही। इसी प्रकार महाराष्ट्र में प्रकाश अंबेडकर के साथ गठबंधन से विधानसभा में उनका खाता खुला।

Loan calculator for Instant Online Loan, Home Loan, Personal Loan, Credit Card Loan, Education loan

Loan Calculator

Amount
Interest Rate
Tenure (in months)

Loan EMI

123

Total Interest Payable

1234

Total Amount

12345
close