Bengal : चुनाव में लोगों की जुबान पर था यह नारा, अब ममता बनर्जी ने किया 'खेला होबे दिवस' मनाने का एलान - Politics news of India | Current politics news | Politics news from India | Trending politics news,India News (भारत समाचार): India News,world news, India Latest And Breaking News, United states of amerika, united kingdom

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Tuesday, July 6, 2021

Bengal : चुनाव में लोगों की जुबान पर था यह नारा, अब ममता बनर्जी ने किया 'खेला होबे दिवस' मनाने का एलान

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर चुनाव आयोग ने भाजपा की मदद नहीं की होती तो वह 30 सीट भी नहीं जीत पाती। साथ ही ममता बनर्जी ने कहा कि विधानसभा चुनाव में जनता ने नारा 'खेलो होबे' को खूब सराहा। इसलिए अब राज्य में खेला दिवस मनाया जाएगा।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत हासिल कर तीसरी बार सूबे की कमान संभाल रहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा के बीच का मनमुटाव अब भी खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। ममता बनर्जी ने मंगलवार को भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर चुनाव आयोग ने भाजपा की मदद नहीं की होती तो वह 30 सीट भी नहीं जीत पाती। साथ ही ममता बनर्जी ने कहा कि विधानसभा चुनाव में जनता ने नारा 'खेलो होबे' को खूब सराहा। इसलिए अब राज्य में खेला दिवस मनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि लोगों ने खेला होबे को सराहा है, अब हम खेला होबे दिवस मनाएंगे।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि भाजपा के विधायक शिष्टाचार और शालीनता नहीं जानते और विधानसभा में पिछले दिनों राज्यपाल जगदीप धनखड़ के अभिभाषण के दौरान हुए हंगामे से यह बात जाहिर हो गई है। धनखड़ ने दो जुलाई को राज्य विधानसभा में भाजपा सदस्यों के शोर-शराबे के बीच अपने 18 पन्नों के अभिभाषण की कुछ पंक्तियां ही पढ़ीं और लिखित भाषण सदन के पटल पर रखा। भाजपा विधायक राज्य में चुनाव के बाद हुई हिंसा को लेकर नारेबाजी कर रहे थे।

तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष और मुख्यमंत्री बनर्जी ने सदन में अपने भाषण में कहा कि राज्य में भाजपा विधायकों को केंद्र के भाजपा नेतृत्व द्वारा चुने गये राज्यपाल के सदन में अभिभाषण देने में अवरोध पैदा नहीं करना चाहिए था। उन्होंने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा, ‘‘मैंने राजनाथ सिंह से लेकर सुषमा स्वराज तक अनेक भाजपा नेताओं को देखा है। हालांकि, यह भाजपा अलग है। वे (भाजपा सदस्य) संस्कृति, शिष्टाचार, शालीनता और सभ्यता नहीं जानते।’’