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Sunday, July 4, 2021

Research : कोविड से उबर चुके लोगों को टीके की खुराक से डेल्टा वैरिएंट से बचाव में मिलती है मदद

कोविड-19 से उबरने पर टीके की एक या दोनों खुराक ले चुके लोगों को आगे कोरोना वायरस के डेल्टा स्वरूप से ज्यादा सुरक्षा मिलती है। एक अध्ययन में यह दावा किया गया है। अध्ययन की अभी समीक्षा की जानी है और इसे शुक्रवार को ‘बायोरेक्सिव प्रीप्रिंट सर्वर’ पर पोस्ट किया गया था।
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर), राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान, पुणे और न्यूरोसर्जरी विभाग, कमांड हॉस्पिटल (दक्षिणी कमान) के वैज्ञानिकों ने कोविड-19 के संबंध में कोविशील्ड टीके को लेकर अध्ययन किया है।

भारत में बी.1.617 के मामलों में हालिया उभार के बाद लोक स्वास्थ्य के लिए नयी चिंताएं पैदा हो गई हैं। अध्ययन में कहा गया, स्वरूप में आगे बी.1.617.1 (कप्पा), बी.1.617.2 (डेल्टा) और बी.1.617.3 बदलाव हुआ। जाहिर है, डेल्टा स्वरूप धीरे-धीरे दूसरे स्वरूप पर हावी हो गया है। इसी के साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इसे चिंता का विषय बताया है।

अध्ययन में कहा गया, डेल्टा स्वरूप के ज्यादा प्रसार से भारत में महामारी की दूसरी लहर पैदा हुई, जिसने लाखों लोगों को प्रभावित किया।

दुनियाभर में बढ़े मामले

दुनियाभर में कोरोना के तेजी से बढ़ते डेल्टा वैरिएंट को लेकर अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिल रहा है। कई देशों में संक्रमण इतनी तेजी से बढ़ रहा है कि वहां पर फिर से लॉकडाउन लगाने जैसी स्थितियां बनने लगी हैं। इससे लोगों को कैसे सुरक्षित रखा जा सकता है, स्वास्थ्य संगठन लगातार इस बारे में विचार मंथन कर रहे हैं। इस बीच यूरोपियन मेडिकल एजेंसी (ईएमए) ने स्पष्ट किया है कि वैक्सीन की दो डोज देने की नीति डेल्टा वैरिएंट्स से सुरक्षा देने में काफी कारगर साबित हो सकती है। हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने डेल्टा वैरिएंट के तेजी से बढ़ते मामलों को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए इसे यूरोपीय देशों के लिए अगली लहर का कारक बनने की आशंका जताई थी।

भारत में 50 से अधिक मामले

अब तक देश के 12 राज्यों में मिला डेल्टा प्लस तेजी से फैल रहा है। डेलटा प्लस के नए मामले 60 का आंकड़ा पार कर चुके हैं। स्थिति यह है कि बीते एक सप्ताह में महाराष्ट्र में 14 नए मामले सामने आए हैं। वहीं दिल्ली और पश्चिम बंगाल में भी इस वैरिएंट की मौजूदगी की आशंका व्यक्त की गई है।

पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वॉयरोलॉजी की एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने बताया कि महाराष्ट्र में 14 और नए मामले डेल्टा प्लस के मिले हैं। अब तक यहां 34 मरीज डेल्टा प्लस से संक्रमित मिल चुके हैं। इसी तरह मध्यप्रदेश से जांच के लिए पहुंचे सैंपल में तीन और डेल्टा प्लस संक्रमित मिले हैं। इस तरह देश में डेल्टा प्लस के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 66 हो चुकी है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार अब तक मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पंजाब, केरल, कर्नाटक, गुजरात, आंध्र प्रदेश, ओड़िशा, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर में डेल्टा प्लस के मामले सामने आ चुके हैं। जबकि दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में भी इस वैरिएंट को संदिग्ध माना गया है।