अफसरों की पिटाई मामले में चार गिरफ्तार, सपा नेता को नहीं पकड़ पाई पुलिस, आंदोलन की चेतावनी
घायल अधिकारी - फोटो : bharat rajneeti
सहारनपुर में अंबाला रोड स्थित ढाबे पर चेकिंग के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को बंधक बनाकर पिटाई करने के मामले में पुलिस ने ढाबे पर काम करने वाले चार कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
मंगलवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम अंबाला रोड पर स्थित सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष मजाहिर हसन मुखिया के ढाबे पर चेकिंग करने पहुंची थी। आरोप है कि वहां पर मजाहिर मुखिया एवं उनके बेटे ने अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर खाद्य निरीक्षकों को बंधक बनाकर पिटाई की थी। उनके कपड़े फाड़ दिए थे और जेब में रखी नकदी एवं हाथ से अभिलेख छीन लिए थे।
अभिहीत अधिकारी रणधीर सिंह ने इस मामले में मजाहिर मुखिया एवं उनके बेटे को नामजद करते हुए दस अज्ञात लोगों के खिलाफ कुतुबशेर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वहीं, घटना के बाद मंगलवार को पूरे दिन मजाहिर हसन मुखिया कुतुबशेर थाने में बैठे रहे। थाने में खातिरदारी तक हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने मजाहिर हसन मुखिया को विदा कर दिया था। बाद में इस मामले में रिपोर्ट दर्ज होने पर पुलिस हाथ मलती रह गई थी, क्योंकि रिपोर्ट में मजाहिर हसन मुखिया को ही मुख्य आरोपी बनाया गया था।
वहीं बुधवार को पुलिस ने ढाबे पर कार्य करने वाले शहबान निवासी ग्राम इस्माइलपुर, अशरफुल निवासी ग्राम शेखपुरा थाना आबादपुर जिला कटियार बिहार, हजीरुल निवासी ग्राम कुमारजोल थाना रायगंज जिला उत्तर दिनाजपुर और मंसूर निवासी ग्राम शिकारपुर थाना आबादपुर जिला कटियार बिहार के गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने कर्मचारियों की गिरफ्तारी दिखाकर इस मामले में खानापूर्ति कर दी, जबकि मुख्य आरोपी को पकड़ने का प्रयास नहीं किया। कुतुबशेर थाना प्रभारी कुलदीप सिंह का कहना है कि नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
मजाहिर मुखिया को बचाने की कोशिश हुई तो होगा आंदोलन
वहीं अखिल भारतीय युवा गुर्जर महासभा ने चेतावनी दी है कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की टीम पर हमला करने के मामले में यदि मजाहिर हसन मुखिया को बचाने की कोशिश की गई, तो गुर्जर महासभा आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएगी।
बुधवार को अखिल भारतीय युवा गुर्जर महासभा के प्रतिनिधि मंडल ने एसएसपी दिनेश कुमार से मुलाकात की। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम पर हमला करने की निंदा की। इसके बाद हकीकतनगर स्थित कार्यालय पर बैठक में संगठन के राष्ट्रीय महासचिव लोकेश गुर्जर और प्रदेश उपाध्यक्ष प्रवीण राठौर ने कहा कि सपा नेता मजाहिर हसन मुखिया और उसके बेटों के खिलाफ पुलिस को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। सहारनपुर के लोगों का भरोसा कानून पर बना रहे। जिलाध्यक्ष अरविंद चौधरी और महामंत्री रविंद्र चौहान ने कहा कि जिस तरह से खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को बंधक बनाकर पीटा गया, वह गंभीर मामला है और निंदनीय है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मजाहिर हसन मुखिया को बचाने की कोशिश की गई, तो अखिल भारतीय युवा गुर्जर महासभा आंदोलन करने को मजबूर हो जाएगी।नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
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