जम्मू-कश्मीर दौरे पर अमित शाह: 30 सालों में पहली बार गृह मंत्री के दौरे के दौरान घाटी नहीं हुई बंद - Bharat news, bharat rajniti news, uttar pradesh news, India news in hindi, today varanasi newsIndia News (भारत समाचार): India News,world news, India Latest And Breaking News, United states of amerika, united kingdom

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गुरुवार, 27 जून 2019

जम्मू-कश्मीर दौरे पर अमित शाह: 30 सालों में पहली बार गृह मंत्री के दौरे के दौरान घाटी नहीं हुई बंद

जम्मू-कश्मीर दौरे पर अमित शाह: 30 सालों में पहली बार गृह मंत्री के दौरे के दौरान घाटी नहीं हुई बंद

दो दिवसीय दौरे पर कश्मीर पहुंचे हैं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह
दो दिवसीय दौरे पर कश्मीर पहुंचे हैं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह - फोटो : bharat rajneeti
गृह मंत्री अमित शाह दो दिवसीय दौरे पर कश्मीर में हैं। इस दौरान सुरक्षा बलों ने पूरी घाटी को छावनी में तब्दील कर दिया है। गृह मंत्री के रूप में शाह का राज्य में यह पहला दौरा है। तीन दशक में पहली बार ऐसा हुआ है कि अलगाववादियों ने घाटी में गृहमंत्री के दौरे के दौरान बंद नहीं बुलाया।

शाह राज्य के पार्टी नेताओं, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और पंचायत सदस्यों से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा अमरनाथ तीर्थ पर भी जाएंगे। उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक में शाह ने सभी एजेंसियों से कहा कि वह उपद्रवियों और आतंकियों के खिलाफ अपने कठोर दृष्टिकोण को बनाए रखें। उन्होंने सभी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने का निर्देश देते हुए कहा है कि वह एक जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा को हिंसा मुक्त सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएं।

गृह मंत्रालय में विशेष सचिव (आतंरिक सुरक्षा) एपी माहेश्वरी ने बताया कि गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा एजेंसियों से कहा कि अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा के मामले में कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए। हर हालत में एसओपी का पालन किया जाना चाहिए। वरिष्ठ अधिकारी स्वयं व्यवस्थाओं का पर्यवेक्षण करें।

दिलचस्प बात यह है कि सैयद अली शाह गिलानी और मिरवाइज अमर फारूक के नेतृत्व वाली हुर्रियत कांफ्रेस ने बुधवार को घाटी में बंद नहीं बुलाया। वहीं किसी भी अलगाववादी नेता ने कोई बयान जारी नहीं किया। पिछले तीन दशकों के दौरान अलगाववादी संगठन ने घाटी में तब-तब बंद बुलाया है जब केंद्र सरकार का कोई प्रतिनिधि दौरे पर कश्मीर आया है। 

ज्वाइंट रेसिसटेंस लीडरशिप गिलानी, मिरवाइज और जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के मुखिया यासिन मलिक का एक संयुक्त संगठन है। इस संगठन ने तीन फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के घाटी दौरे के दौरान पूरी तरह से बंद बुलाया था। इस संयुक्त संगठन ने 10 सितंबर, 2017 को उस समय हड़ताल का आह्वान किया था। जब तत्कालीन गृहमंत्री राजनाथ सिंह कश्मीर दौरे पर आए थे। हालांकि बुधवार को सभी अलगाववादी संगठन चुप्पी साधे रहे।

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