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Thursday, November 21, 2019

केजरीवाल संभालते रह गए शिक्षा-स्वास्थ्य, 'घरों' में घुस गई बीजेपी

अवैध कॉलोनियों को रेग्युलराइज करने की मांग कई सालों से उठ रही थी, जिसे पूरा करके बीजेपी ने अपनी पहली सियासी चाल चल दी है, जिसका असर दिल्ली विधानसभा चुनाव पर पड़ेगा.
  • दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी का मास्टरस्ट्रोक
  • अवैध कॉलोनियों को रेग्युलराइज करने के विधेयक को मंजूरी
  • अवैध कॉलोनियों में रहती है 40 लाख से अधिक आबादी
दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने बड़ा सियासी दांव चल दिया है. मोदी कैबिनेट की बुधवार को हुई बैठक में अवैध कॉलोनियों को रेग्युलराइज करने के विधेयक को मंजूरी दे दी गई. अब ये विधेयक संसद के दोनों सदनों में मंजूरी के लिए जाएगा. अवैध कॉलोनियों को रेग्युलराइज करने की मांग कई सालों से उठ रही थी, जिसे पूरा करके बीजेपी ने अपनी पहली सियासी चाल चल दी है, जिसका असर विधानसभा चुनाव पर पड़ेगा.

शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली पर था AAP का फोकस

मोदी कैबिनेट के इस फैसले से केजरीवाल सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. दरअसल, आम आदमी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव शिक्षा और स्वास्थ्य के मसले पर लड़ना चाह रही है, जिसे लेकर उसने काफी काम किया. वह चाहे सरकारी स्कूलों को मॉर्डन बनाने का काम हो या फिर मोहल्ला क्लिनिक खोलना. आम आदमी पार्टी के नेता इन क्षेत्रों में किए अपने कामों पर ही फोकस करते हैं. इसके साथ ही दिल्ली में 200 किलोवॉट तक बिजली भी मुफ्त कर दी गई, लेकिन चुनाव से दो महीने पहले बीजेपी ने अवैध कॉलोनियों को रेग्युलराइज करने का फैसला करके लोगों को बड़ी राहत दे दी और दिल्ली के वोटर्स के लिए एक अहम मुद्दे पर बाजी मार ली.

बढ़ते प्रदूषण के बाद पानी पर भी केजरीवाल को घेरने की कोशिश

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के बाद पानी की गुणवत्ता को लेकर भी बीजेपी ने केजरीवाल सरकार पर हमला बोला है. भारतीय मानक ब्यूरो(बीआईएस) की रिपोर्ट में दिल्ली की 11 जगहों से पाइप से आने वाले पानी के नमूने लिए गए जिनमें ज्यादातर नमूने मानकों को पूरा करने में असफल रहे. इस रिपोर्ट के बाद केजरीवाल सरकार पर हमले तेज हो गए. केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने ट्वीट कर दावा किया है कि फ्री पानी के नाम पर अरविंद केजरीवाल दिल्ली की जनता को जहर पिला रहे हैं. पानी की गुणवत्ता को लेकर अब केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों की ओर से अलग अलग टीम बनाई गई है जो पानी की गुणवत्ता की जांच करेंगी.