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Wednesday, November 20, 2019

कमल हासन और रजनीकांत ने राजनीति में साथ आने के दिए संकेत, कहा- जरूरत पड़ी तो मिलाएंगे हाथ

कमल हासन और रजनीकांत ने राजनीति में साथ आने के दिए संकेत

फिल्मों में अभिनय से राजनीति में आए रजनीकांत और कमल हासन ने फिल्मी दुनिया में कई किरदार निभाए हैं। लेकिन अब ऐसा प्रतीत होता है कि दोनों राजनेता तमिलनाडु की राजनीति में साथ आ सकते हैं। रजनीकांत और कमल हासन ने इस बात के संकेत दिए हैं।

गौरतलब है कि तमिलनाडु की राजनीति में करिश्माई राजनेता जयललिता के निधन के बाद से उनके खाली स्थान को भरने के लिए राजनीतिक दलों में सियासी होड़ लगी हुई है। रजनीकांत ने कहा है कि तमिलनाडु के लोगों के हित में अगर जरूरत पड़ी तो वह अपने प्रतिद्वंद्वी कमल हासन से हाथ मिला लेंगे। रजनीकांत ने साल 2021 में राज्य में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी बनाने की घोषणा की है।

रजनीकांत के इस बयान के बाद कमल हासन की तरफ से भी प्रतिक्रिया आई, जिसमें उन्होंने कहा कि मेरे दोस्त रजनीकांत और मैं एक ही विचार वाले हैं और अगर जरूरत पड़ी तो तमिलनाडु की भलाई की खातिर सभी राजनीतिक हाथों को मिलना चाहिए और इस कड़ी में हम कोई अपवाद नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यह हमारा दृष्टिकोण है, हमारा मतलब है कि हम यहां सिर्फ राजनीति करने के लिए नहीं बल्कि एक बेहतर तमिलनाडु बनाने के लिए आए हैं।

रजनीकांत ने रविवार को कहा था कि पलानीस्वामी ने मुख्यमंत्री बनने के बारे में सपने में भी नहीं सोचा होगा और उन्होंने अन्नाद्रमुक के नेता के मुख्यमंत्री बनने पर आश्चर्य जताया और इसे चमत्कार बताया था। उनके इस बयान पर सत्तारूढ़ पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया जताई है।

रजनीकांत द्वारा ये टिप्पणियां यहां उस कार्यक्रम में की गई जो सिनेमा इंडस्ट्री में हासन के 60 साल पूरे होने के उपलक्ष में आयोजित किया गया था। हासन ने रजनीकांत के बयान के बारे में पूछे जाने पर पत्रकारों से कहा कि यह आलोचना नहीं है बल्कि सच्चाई है।

वहीं, रजनीकांत के बयान से सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक ने कहा कि पलानीस्वमी तुक्के से मुख्यमंत्री नहीं बने हैं बल्कि उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है।